पटना : जीएसटी कलेक्शन में 35 प्रतिशत की ग्रोथ, लक्ष्य से ज्यादा हो चुका संग्रह

चालू वित्तीय वर्ष में 10 हजार 460 करोड़ संग्रह का था लक्ष्य, फरवरी तक 11 हजार 283 करोड़ जमा पटना : चालू वित्तीय वर्ष के दौरान बिहार में जीएसटी कलेक्शन में औसत साढ़े 35 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गयी है. इससे मौजूदा वर्ष में टैक्स संग्रह निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा कर लिया है. इस […]

चालू वित्तीय वर्ष में 10 हजार 460 करोड़ संग्रह का था लक्ष्य, फरवरी तक 11 हजार 283 करोड़ जमा
पटना : चालू वित्तीय वर्ष के दौरान बिहार में जीएसटी कलेक्शन में औसत साढ़े 35 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गयी है. इससे मौजूदा वर्ष में टैक्स संग्रह निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा कर लिया है.
इस वित्तीय वर्ष में 10 हजार 460 करोड़ रुपये टैक्स संग्रह का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन फरवरी तक ही 11 हजार 283 करोड़ रुपये आ चुके हैं. मार्च तक करीब 15 हजार करोड़ रुपये टैक्स जमा होने का अनुमान लगाया जा रहा है. जीएसटी जब लागू हुआ था, तो वित्तीय वर्ष 2017-18 में तीन हजार 186 करोड़ रुपये ही टैक्स जमा हुए था. प्रत्येक महीने 354 करोड़ रुपये टैक्स संग्रह का औसत था. वर्तमान में यह बढ़ कर 480 करोड़ प्रति महीने हो गया है.
टैक्स संग्रह बढ़ने का मुख्य कारण टैक्स नहीं देने वालों पर सख्त कार्रवाई होना है. जांच में यह बात सामने आयी कि जीएसटी लागू होने के बाद 30 फीसदी लोग टैक्स दे ही नहीं रहे हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ जून 2018 से छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गयी थी, जो अब तक जारी है.
इस दौरान 724 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गयी, जिसमें 640 करोड़ की वसूली हो चुकी है. बचे हुए टैक्स की वसूली तेजी से चल रही है.
इस वर्ष मार्च से डाटा विश्लेषण का कार्य शुरू किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में टैक्स चोरी करने वाले सामने आने लगे हैं. इस प्रक्रिया को अपनाने के बाद बिहार में 163 करोड़ की टैक्स चोरी के 283 मामले सामने आये हैं. इसमें 84 लोगों से अब तक टैक्स की वसूली हो चुकी है. सिर्फ मार्च महीने में 92 करोड़ रुपये की वसूली हुई है. आगे भी यह वसूली जारी रहेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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