पटना : अगर किसी सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी चुनावी कार्य में लगी है तो बीमारी का बहाना नहीं चलेगा. भले ही कोई कर्मी यह दावा करे कि उसे अमुक बीमारी है या कोई शारीरिक अक्षमता है तो उन्हें मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों का सामना भी करना पड़ सकता है.
दरअसल, जिले में निर्वाचन कार्य के लिए गठित कार्मिक कोषांग में इसके लिए डॉक्टरों के मेडिकल टीम का गठन होगा. इसमें हार्ट, पेट, हड्डी, नेत्र से लेकर अन्य संबंधित बड़ी बीमारियों के डॉक्टर मौजूद रहेंगें. जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल के बाद से इसके लिए मेडिकल आवेदन लेने की शुरुआत होगी. इसके लिए तीन से पांच दिनों का समय दिया जायेगा. आवेदन जमा होने के बाद मेडिकल बोर्ड में कर्मचारी को मेडिकल परीक्षा देनी होगी.
