एस्केलेटर का मेंटेनेंस कर रही एजेंसी की लापरवाही से हादसा
पटना : पटना जंकशन पर लगे एस्केलेटर पर रविवार को एक महिला के साथ हुए हादसे के बाद इसकी निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गये हैं. रेल प्रशासन ने निजी एजेंसी द्वारा संचालित इस एस्केलेटर पर हुए हादसे की जांच कराने का निर्णय लिया है. स्टेशन डायरेक्टर डॉ निलेश कुमार ने बताया कि एस्केलेटर की सीढ़ी पहले से टूटी होने की वजह से इसे बंद रखा गया था. अब इसके निर्माण गुणवत्ता की जांच करायी जायेगी तथा गड़बड़ी मिलने पर एजेंसी पर कार्रवाई की जायेगी.
एस्केलेटर के समीप नहीं थे कर्मी : रेलवे से किये एकरारनामा की सेवा-शर्त के अनुसार एजेंसी को 24 घंटे एस्केलेटर के समीप एक कर्मी को प्रतिनियुक्त करना है. लेकिन, एजेंसी के कर्मी एस्केलेटर के समीप नहीं थे. एस्केलेटर की सीढ़ी एक दिन पहले ही भारी समान गिरने से टूट गयी थी. इससे एस्केलेटर बंद था. बंद एस्केलेटर पर भी यात्री आ-जा रहे थे. अगर एस्केलेटर के समीप कर्मी होते, तो यात्रियों की आवाजाही नहीं होती. साथ ही महिला के पैर फंसने की दुर्घटना नहीं होती.
सोमवार को पूरे दिन बंद रहा एस्केलेटर : दुर्घटना होने के बाद जंक्शन पर तैनात रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर एस्केलेटर की घेराबंदी कर दी है. सोमवार को भी पूरे दिन इसे बंद रखा गया. मरम्मत पूरी होने के बाद ही इसे यात्रियों के लिए खोला जायेगा. दानापुर रेलमंडल प्रशासन ने निजी एजेंसी
के सहयोग से पटना जंक्शन के दो
फुट ओवर ब्रिज में चार एस्केलेटर लगाये हैं.
एस्केलेटर लगाने वाली एजेंसी को अगले तीन वर्षों तक मेंटेनेंस करना है. मेंटेनेंस के तहत एस्केलेटर के समीप एक तकनीशियन की प्रतिनियुक्त करना है, ताकि एस्केलेटर की 24 घंटे व सातों दिन निगरानी की जा सके. लेकिन, एजेंसी की मेंटेनेंस प्रक्रिया काफी लचर होने से दुर्घटना हो गयी. अगली कार्रवाई के लिए रेल प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है.
