पटना: एलपीजी सिलिंडर पर 50 लाख तक का बीमा

दुर्घटना होने पर मिलेगा मुआवजा, नहीं देना होता है अलग से कोई प्रीमियम पटना : एलपीजी के उपभोक्ताओं को जानकारी ही नहीं है कि उनका बीमा भी है. इस कारण बीमा का लाभ उठाने से उपभोक्ता वंचित रह जाते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति एलपीजी कनेक्शन लेता है, वह उसी दिन से 50 लाख रुपये […]

दुर्घटना होने पर मिलेगा मुआवजा, नहीं देना होता है अलग से कोई प्रीमियम
पटना : एलपीजी के उपभोक्ताओं को जानकारी ही नहीं है कि उनका बीमा भी है. इस कारण बीमा का लाभ उठाने से उपभोक्ता वंचित रह जाते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति एलपीजी कनेक्शन लेता है, वह उसी दिन से 50 लाख रुपये तक के बीमा का दावेदार हो जाता है. इसके लिए उपभोक्ता को अलग से कोई प्रीमियम नहीं देनी होती है. यह बीमा पब्लिक लायबिलिटी पाॅलिसी के तहत आता है.
अगर एलपीजी सिलिंडर से कोई दुर्घटना होती है, तो तेल कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के नियम के अनुसार बीमा देना होता है. वैसे एलपीजी सिलिंडर में आग लगने के कई पैमाने हैं, जिसके तहत बीमा मिलता है. इंडियन ऑयल के अनुसार पटना जिले में 2017-18 में 47 दुर्घटनाएं दर्ज हुई, जिसमें से सात लोगों को बीमा का लाभ मिला. वहीं, 2018-19 के दौरान 31 दुर्घटनाएं दर्ज हुई, जिसमें से केवल एक ही बीमा का लाभ मिला.
हादसे के बाद यह करें
एलपीजी सिलिंडर ब्लास्ट होने की जानकारी सबसे पहले स्थानीय थाने को देनी होती है और एफआइआर कराना होगा. अपनी गैस एजेंसी को पुलिस रिपोर्ट की एक कॉपी के साथ घटना की पूरी जानकारी दें. एजेंसी इस रिपोर्ट पर संबंधित गैस कंपनी को जानकारी देगी. इसके बाद गैस कंपनी की एक जांच दल घटनास्थल पर आयेगी, जो जांच के बाद बीमा क्लेम उपभोक्ता को देगी. इसके लिए मृतक का मृत्यु और पोस्टमार्टम प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है. मेडिकल व मेडिसिन का बिल देना होगा. मौत होने पर मुआवजे के लिए कोर्ट में अपील करनी पड़ती है. कोर्ट पीड़ित व्यक्ति की उम्र, आय व अन्य तथ्यों को ध्यान में रख कर मुआवजे की राशि तय करती है.
मुआवजा
अगर एलपीजी के फटने या आग लगने से किसी की मौत हो जाती है तो कंपनी हर मृतक को पांच लाख देती है. इसके अलावा घायल हुए व्यक्ति को 15 लाख इलाज को दिया जाता है. संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो कंपनी एक लाख पीड़िता कोदेती है.
हर एलपीजी का बीमा होता है. शर्त के अनुसार आग लगने का मुख्य कारण एलपीजी सिलिंडर से होना चाहिए. सबसे अहम बात यह है कि बीमा का लाभ तभी मिलता है, जहां एलपीजी निबंधित होता है. एेसा नहीं कि एलपीजी कनेक्शन पटना में निबंधित और और प्रयोग किसी गांव में हो रहा हो.
सर्वेश कुमार सिन्हा, उप महाप्रबंधक (एलपीजी सेल्स) इंडियन ऑयल

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