पटना : पहले चरण में 11 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर 18 मार्च से नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो जायेगी. यह दौर 19 मई को आखिरी चरण तक चलेगा. नामांकन की शुुरुआत के साथ ही आमसभा, रैली, जुलूस, चुनाव प्रचार, लाउडस्पीकर, हैलिपैड सहित तमाम इंतजामों की विभिन्न सरकारी ऑथोरिटी से मंजूरी को लेकर उम्मीदवार व उनके एजेंटों की भागदौड़ भी शुरु हो जायेगी.
किसी भी कार्यक्रम के लिए 48 घंटे पहले अभ्यर्थी करेंगे आवेदन
पटना : पहले चरण में 11 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर 18 मार्च से नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो जायेगी. यह दौर 19 मई को आखिरी चरण तक चलेगा. नामांकन की शुुरुआत के साथ ही आमसभा, रैली, जुलूस, चुनाव प्रचार, लाउडस्पीकर, हैलिपैड सहित तमाम इंतजामों की विभिन्न सरकारी ऑथोरिटी से मंजूरी को लेकर […]

उम्मीदवारों की इस समस्या को दूर करने को निर्वाचन आयोग ने सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की है. इसके तहत आवेदन करने के 24 घंटे के भीतर आवेदकों को मंजूरी उपलब्ध करा दी जायेगी. किसी कारण से 24 घंटे में मंजूरी नहीं मिलने पर आवेदक को कारण भी बताया जायेगा.
कम से कम 48 घंटे पहले आवेदन
आयोग के मुताबिक किसी भी कार्यक्रम की मंजूरी के लिए उसके कम से कम आयोजन के 48 घंटे पहले आवेदन करना होगा. हर अनुमंडल कार्यालय में निर्वाची पदाधिकारी या सहायक निर्वाची पदाधिकारी के स्तर पर यह सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित होगा.
यह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस होगा. इसमें ऑपरेटर, सहायक के अतिरिक्त एक ऑब्जर्वर व पुलिस के निरीक्षक स्तर के अधिकारी भी रहेंगे. अग्निशमन, पुलिस आदि से संबंधित स्वीकृति भी इसी खिड़की से मिलेगी.
व्यय की भी देंगे जानकारी
आवेदकों को आवेदन के साथ संबंधित कार्यक्रम पर होने वाले व्यय की जानकारी भी देनी होगी. हर कार्यक्रम के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा. अगर रैली या जुलूस दो से अधिक विधानसभा क्षेत्र से गुजर रहा है तो अलग-अलग आवेदन कर संबंधित निर्वाची पदाधिकारी के सिंगल विंडो से स्वीकृति लेनी होगी.
कोषांग के पदाधिकारी ही जिला, अनुमंडल, थाना, अंचल अधिकारी या अन्य संबंधित कार्यालयों से 24 घंटे के भीतर स्वीकृति प्राप्त कर अभ्यर्थी को आवेदन देने के 36 घंटे के अंदर मंजूरी पत्र सौंप देंगे. आवेदकों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ही कार्यक्रमों की मंजूरी मिल सकेगी.
स्वीकृति पत्र की एक कॉपी सहायक व्यय प्रेक्षक को भी भेजी जायेगी. एक से अधिक सभा, जुलूस आदि का अनुमोदन एक ही तारीख को देना हो तो समय का अंतराल इस प्रकार रखा जायेगा कि विधि-व्यवस्था की समस्या न हो.
निजी भूमि के अनापत्ति का देना होगा पत्र
आयोग ने आवेदन को लेकर भी गाइडलाइन निर्धारित किये हैं. आवेदकों को निर्धारित फॉर्मेट में ही आवेदन करना होगा. आवेदक को बताना होगा कि कार्यक्रम में कितने लोग होंगे तथा कार्यक्रम अवधि क्या होगी? निजी भूमि या नजदीक में स्कूल-कॉलेज होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या प्राधिकार का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी देना होगा.