पटना : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है. पोलियो के खात्मे की तरह ही टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए आइएमए पूरे बिहार में अभियान चला रहा है.
इस अभियान को और तेजी से चलाना है. यह जानकारी मंगलवार को आइएमए बिहार के अध्यक्ष डॉ शालिग्राम विश्वकर्मा ने दी. गांधी मैदान स्थित आइएमए हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ शालिग्राम व डॉ सहजानंद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व टीबी सेंटर को मरीजों का डाटा व उनके बारे में पूरी सूचना मिले इसके लिए प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों को सूचना देने के लिए कहा गया है. अब तक प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा 59,163 टीबी के मरीजों का डाटा दिया गया है.
डॉक्टरों को भी मिलेंगे 500 रुपये
आइएमए के डॉ सहजानंद व सचिव डॉ ब्रजनंदन कुमार ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए अब डॉक्टरों को भी हर महीने प्रति मरीज 500 रुपये दिये जायेंगे. यह राशि सरकार द्वारा उन डॉक्टरों को दी जायेगी, जो टीबी मरीज का इलाज कर रहे हैं.
हालांकि इसके लिए डॉक्टरों को मरीज का पूरा लेखा-जोखा स्वास्थ्य विभाग को देना होगा.
