एनआइसी के प्रस्ताव पर हिमाचल मॉडल को लागू करने की योजना
पटना : राज्य के 70130 प्रारंभिक और माध्यमिक स्कूलों के हेडमास्टर को एमडीएम की रोजाना रिपोर्ट एसएमएस के जरिये देनी होगी. राज्य के मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय सभी हेडमास्टर को मोबाइल के जरिये यह जानकारी देने का निर्देश जारी करनेवाला है.
इसके तहत पहले सभी हेडमास्टर का मोबाइल नंबर सॉफ्टवेयर में फीड होगा और उसके बाद उनको एक फॉरमैट दिया जायेगा जिसे वे रोज शाम में भर कर सबमिट कर देंगे. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के फैसले के बाद इसे जल्द ही अमल में लाया जायेगा. अभी एमडीएम की मॉनिटरिंग में सरकार हर महीने पांच लाख रुपये रिपोर्ट लेने में खर्च कर रही है. इसके बाद भी स्कूलों से मुकम्मल रिपोर्ट नहीं आ रही थी.
कभी नेटवर्क नहीं रहने के कारण फोन नहीं मिलने की शिकायत थी तो कभी बीएसएनल की सेवाएं प्रभावित होने से कॉल ड्रॉप होती है और सूचना नहीं आ पाती है. इसके बाद यह फैसला लिया गया है. एनआइसी के प्रस्ताव के बाद निदेशालय ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर अपर मुख्य सचिव को भेजा है. जिस पर अपर मुख्य सचिव अंतिम फैसला लेंगे.
अभी आइवीआरएस यानी इंटरएक्टिव वॉयस सिस्टम का हो रहा प्रयोग
अभी एमडीएम की रोजाना रिपोर्ट लेने के लिए इंटरएक्टिव वॉयस सिस्टम का प्रयोग हो रहा है. इसके तहत रोज सभी हेडमास्टर को फोन कर जानकारी ली जाती है.
इसमें परेशानी आती थी. इस सिस्टम को साथ रखते हुए एसएमएस योजना को लागू किया जायेगा. जिससे विभाग को बचत भी होगी. नेशनल इन्फॉरमेशन सेंटर यानी एनआइसी ने हिमाचल प्रदेश में सफल परीक्षण के बाद एसएमएस मॉडल को लागू करने का प्रस्ताव दिया है. 20-21 राज्यों में यह लागू होने वाला है. जिसके बाद बिहार में भी इसे लागू करने का फैसला किया गया है.
आइवीआरएस से होती है परेशानी
मध्याह्न भोजन योजना की रोज रिपोर्ट लेने में आइवीआरएस से कई बार परेशानी होती है. एनआइसी ने जो प्रस्ताव दिया, उस पर विचार करते हुए इसे पूरे राज्य में लागू करने की योजना है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के द्वारा इस पर मुहर लगते ही एसएमस सिस्टम को लागू कर दिया जायेगा.
-जिबेंद्र झा, उप निदेशक, मध्याह्न भोजन योजना, बिहार
