पटना : किसी भी बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक विद्यालय से निष्कासित नहीं किया जायेगा. बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली में संशोधन किया गया है. शिक्षा विभाग के उप सचिव ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. नये नियमों के अनुसार, हर शैक्षणिक वर्ष के अंत में पांचवीं तथा आठवीं कक्षा में नियमित रूप से परीक्षाएं होंगी.
यदि परीक्षा में कोई बच्चा फेल होता है, तो ऐसे बच्चे का खास ध्यान रखा जायेगा. रिजल्ट जारी होने के दो माह के अंदर ही पुन: परीक्षा ली जायेगी. अगर पुन: परीक्षा में भी बच्चा फेल होता है, तो पांचवीं और आठवीं कक्षा में ही रोक लिया जायेगा. परंतु अगली कक्षा में ऐसे बच्चों की पढ़ाई का ख्याल रखा जायेगा.
एक ही कक्षा में रोके गये विद्यार्थियों की अलग से सूची बनायी जायेगी. यह सुनिश्चित किया जायेगा कि ऐसे बच्चों में मनोवैज्ञानिक समस्या के कारण हीन भावना न आये. ऐसे बच्चे आगामी शैक्षणिक सत्र के अंत में आयोजित होने वाली नियमित परीक्षा में
शामिल होंगे.
