पटना : फोन से ही पकड़े जायेंगे अपराधी

पटना : अपराधी फोन का उपयोग कर रहे हैं. पुलिस फोन के जरिये अपराधी को पकड़ने के लिये एक्सपर्ट तैयार कर रही है. राज्य के सभी जिलों से एक-एक पुलिसकर्मी को मोबाइल फोरेंसिक व सॉफ्टवेयर एनालिसिस का मास्टर बनाने के लिये नेशनल पुलिस एकेडमी हैदराबाद के साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है. सोमवार […]

पटना : अपराधी फोन का उपयोग कर रहे हैं. पुलिस फोन के जरिये अपराधी को पकड़ने के लिये एक्सपर्ट तैयार कर रही है. राज्य के सभी जिलों से एक-एक पुलिसकर्मी को मोबाइल फोरेंसिक व सॉफ्टवेयर एनालिसिस का मास्टर बनाने के लिये नेशनल पुलिस एकेडमी हैदराबाद के साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है.
सोमवार को इओयू के एडीजी जेएस गंगवार और एसपी सुशील कुमार ने इस पांच दिवसीय ट्रेनिंग का शुभारंभ किया.एडीजी ने सभी ट्रेनी का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वह सबसे पहले यह भूल जायें कि उनकी रैंक क्या है. सिर्फ इतना याद रखें कि वह साइबर इन्वेस्टिगेटर हैं.
एडीजी ने बताया कि जिलों में साइबर क्राइम एंड सोशल मीडिया (सीसीएसएमयू) यूनिट 24 घंटे काम करेगी जिलों के साथ ही एटीएस व पुलिस की कुछ अन्य यूनिटों के स्तर पर सीसीएसएमयू के कुल 74 यूनिट खोले जाने हैं. अब तक तीन दर्जन से अधिक यूनिट खुल चुके हैं.
एसपी सुशील कुमार ने बताया कि साइबर अपराध के अनुसंधान में आइपीडीआर एनालिसिस बड़ी चुनौती है. ट्रेनिंग के अंतिम दिन लिखित परीक्षा होगी.
इसको उत्तीर्ण करने वाले अपने जिले में जाकर अन्य पुलिस कर्मियों को ट्रेंड करेंगे. इओयू के डीएसपी कुमार सागर , एनपीए के साइबर एक्सपर्ट नरेंद्र पवार, परमेश नायक, एस. चंद्रन ने मोबाइल के दुरुपयोग की घटनाओं से अलर्ट किया. अनुसंधान में नेटवर्क, सिस्टम, डिवाइस आदि से सबूत निकालने की विधि बतायी.
केस डायरी को डिजिटल करने के लिए याचिका दायर
पटना राज्य के थानों में दर्ज प्राथमिकी का अनुसंधान कर केस डायरी हाथ से लिखने की बजाय डिजिटल (कंप्यूटर)लिखे जाने की मांग को लेकर एक लोकहित याचिका पटना हाइ कोर्ट में दायर की गयी है.
लोकहित याचिका में कहा गया है कि किसी भी आपराधिक मामले के अनुसंधान के बाद उस केस के अनुसंधानकर्ता ( आइओ ) अपने हाथ से केस डायरी लिखा करते हैं. हाथ से लिखी गयी केस डायरी की लिखावट साफ नहीं होने के कारण अभियुक्तों को इसका लाभ मिल जाता है. याचिकाकर्ता ने लोकहित और उचित न्याय के लिए केस डायरी को डिजिटल(कंप्यूटरीकृत) फोरम में करने की मांग कोर्ट से की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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