फुलवारीशरीफ : स्कूल से लौट रहे भाई-बहन को स्कूली बस ने रौंदा, बहन की मौत

घटना. आरपीएस पब्लिक स्कूल की थी बस, आक्रोशित लोगों ने की तोड़-फोड़, चार घंटे तक सड़क जाम फुलवारीशरीफ : रामकृष्णानगर बाजार में सोमवार की दोपहर आरपीएस पब्लिक स्कूल की एक बेलगाम बस ने स्कूल से घर लौट रहे मासूम भाई-बहन को रौंद डाला. इससे मौके पर ही पांच साल की स्कूली छात्रा संजना भारती की […]

घटना. आरपीएस पब्लिक स्कूल की थी बस, आक्रोशित लोगों ने की तोड़-फोड़, चार घंटे तक सड़क जाम
फुलवारीशरीफ : रामकृष्णानगर बाजार में सोमवार की दोपहर आरपीएस पब्लिक स्कूल की एक बेलगाम बस ने स्कूल से घर लौट रहे मासूम भाई-बहन को रौंद डाला. इससे मौके पर ही पांच साल की स्कूली छात्रा संजना भारती की मौत हो गयी. वहीं, उसका भाई आठ वर्षीया शिवम कुमार जख्मी हो गया.
घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया. पथराव कर बस को क्षतिग्रस्त कर दिया. पथराव के बाद अफरा-तफरी मच गयी और दुकानें बंद हो गयीं. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चार घंटे तक सड़क को जाम रखा और 10 लाख मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे.
आक्रोशित लोगों ने पुलिस को भी खदेड़ दिया. हालत बेकाबू होता देख मौके पर आसपास की कई थानों की पुलिस के साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स को बुलाना पड़ा. इसके बाद लाठीचार्ज करके भीड़ को खदेड़ा गया. चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और बस को जब्त कर लिया गया है.
बस लेकर भागने की फिराक में था ड्राइवर : स्थानीय लोगों ने बताया की स्कूली बस दुर्घटना के बाद बस लेकर भागने लगा. लेकिन, इस बीच एक ट्रैक्टर से टकराकर रुक गया. बस ड्राइवर को लोगों ने पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया. कुछ असामाजिक तत्वों ने स्कूली बस में आग लगाना भी चाहा, जिसे रामकृष्णानगर थाने की पुलिस ने रोक दिया.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया. लोगों का कहना था की स्कूली बसें बाजार और भीड़-भाड़ वाले आबादी के इलाके से भी खूनी रफ्तार से दौड़ती हैं, जिससे बराबर दुर्घटना होते रहती है. प्रशासन का स्कूली बसों की रफ्तार पर कोई लगाम नहीं है. लोगों ने स्कूली बसों की रफ्तार पर लगाम लगाने की मांग भी की. फुलवारी सीओ कुमार कुंडल लाल ने मृतक के परिवार को सारी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद चार लाख का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया.
बच्चों की इंतजार कर रही थी मां खबर सुनकर हो गयी बेहोश
मधेपुरा के आलमनगर थाने के मूल निवासी मनोज मंडल अपने परिवार के साथ रामकृष्णानगर के ही शेखपुरा गांव में रहते हैं. उनके दो बच्चे संजना भारती और शिवम कुमार स्थानीय डनोबली स्कूल में पढ़ने गये थे.
दोनों भाई बहन नर्सरी क्लास के स्टूडेंट हैं. मनोज मधेपुरा में बहन को मैट्रिक की परीक्षा दिलाने गये थे. सोमवार को स्कूल से छुट्टी होने के बाद भी जब दोनों बच्चे घर नहीं लौटे, तो मां रिंकू देवी परेशान हो गयी. दोनों बच्चों की राह ताक रही मां को जब दुर्घटना में बेटी की मौत और बेटे के घायल होने की मनहूस खबर मिली, तो वह बेहोश हो गयी. पूरे परिवार व गांव में कोहराम मच गया.
किसी तरह बच्चों की मां को होश में लाया गया, उसके बाद मोहल्ले की अन्य महिलाओं के साथ घटनास्थल पर पहुंची. मासूम बच्ची की लाश देख मां वहीं बेहोश हो गयी. बच्ची के फूफा उमाकांत साहनी बच्ची को गोद में लेकर विलाप करते रहे. मनोज पहले राज मिस्त्री का काम करते थे बेटी के जन्म के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और वे ठेकेदारी करने लगे.
स्कूल की भी लापरवाही : बाजार के रोड से बीस मीटर की दूरी पर डनोब्ली स्कूल है. वाहनों के अवागमन के कारण यह रोड बहुत व्यस्त रहता है. छुट्टी के बाद स्कूल के सारे बच्चे दौड़ कर बाहर निकलते हैं. बच्चों के सड़क पार करते समय स्कूल प्रशासन का कोई भी टीचर या कर्मी वहां नहीं रहता है. स्थानीय लोगों ने कहा कि हादसा के बाद संचालक स्कूल बंद कर के फरार हो गया.

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