पटना : पटना उच्च न्यायालय ने जम्मू कश्मीर के डोडा जिले से जारी फर्जी आर्म्स लाइसेंस की जांच में हो रही देरी पर सीबीआइ के संयुक्त निदेशक को फटकार लगायी है. न्यायाधीश ए अमानुल्लाह की एकलपीठ में रूपेश कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के समय सीबीआइ के संयुक्त निदेशक और राज्य के डीजीपी अदालत में उपस्थित थे.
सीबीआइ की ओर से अदालत में जांच रिपोर्ट पेश की गयी. सीबीआइ के वकील ने कहा कि इस मामले में जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उन्हें शपथपत्र के माध्यम से अगली सुनवाई को कोर्ट में प्रस्तुत किया जायेगा. इसी आधार पर दोषियों पर कार्रवाई भी की जायेगी. कोर्ट ने सीबीआइ को 24 जून तक इस मामले का अनुसंधान पूरा कर की गयी कार्रवाइयों का पूरा ब्योरा देने को कहा. अदालत ने अगली सुनवाई पर डीजीपी और सीबीआइ के संयुक्त निदेशक को मौजूद रहने को कहा.
जम्मू-कश्मीर का था लाइसेंस : गौरतलब है कि एक आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला था कि अभियुक्त के पास से जो हथियार बरामद हुआ है, उसका लाइसेंस जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से निर्गत किया गया है.
इसी मामले में अभियुक्त द्वारा दायर जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान जब इस बात की जानकारी कोर्ट को हुई, तो कोर्ट ने जांच का जिम्मा सीबीआइ को दे दिया. सीबीआइ की रिपोर्ट से कोर्ट संतुष्ट नजर नहीं आया.
