पटना : बिहार सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में सात से 12 रुपये रोजाना वृद्धि की घोषणा की है. नयी दर एक अप्रैल से बिहार में लागू हो जायेगी. सरकार साल में दो बार न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि करती है. लेकिन, इस बार तीन फीसदी परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में वृद्धि कर न्यूनतम मजदूरी तय हुई है. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना : बिहार सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में सात से 12 रुपये रोजाना वृद्धि की घोषणा की है. नयी दर एक अप्रैल से बिहार में लागू हो जायेगी. सरकार साल में दो बार न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि करती है. लेकिन, इस बार तीन फीसदी परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में वृद्धि कर न्यूनतम मजदूरी तय हुई है. यह निर्णय न्यूनतम मजदूरी परामर्शदातृ पर्षद की बैठक के बाद लिया गया है, जिसकी बैठक कुछ दिनों पहले श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई थी. बैठक में कुल 88 तरह के कामों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय की गयी है.
ऐसे मिलेगी राशि : अभी औसतन अकुशल मजदूरों की मजदूरी दर 257 रुपये प्रतिदिन है. एक अप्रैल से आठ रुपये अधिक 265 रुपये हो जायेगा. अर्धकुशल मजदूरों को 268 के बदले 276, कुशल मजदूरों को 325 के बजाये 335 रुपये रोजाना मिलेंगे. जबकि अतिकुशल मजदूरों को 396 के बदले 408 रुपये मिलेंगे. पर्यवेक्षीय और लिपिकीय में 7359 रुपये में 221 की वृद्धि कर 7580 रुपये महीना कर दिया गया है.
कुशल व अर्धकुशल मजदूरों के अंतर को भी किया जायेगा कम
पांच साल तक काम करने वाले मजदूर अकुशल से अर्धकुशल मजदूर की श्रेणी में आयेंगे. दस साल के अनुभव पर कुशल मजदूर होंगे. इन मजदूरों को नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क लेवल से जोड़ा जायेगा. इसमें लेवल एक में अकुशल, लेवल दो व तीन को अर्द्धकुशल, लेवल चार व पांच को कुशल, लेवल छह व सात को अतिकुशल कामगार तो लेवल आठ से दस को पर्यवेक्षीय या लिपिकिय माना जायेगा. अभी अकुशल व अर्द्धकुशल मजदूरों की मजदूरी का अंतर मात्र 11 रुपये है. विभाग ने 23 रुपये वृद्धि का निर्णय लिया है. प्रस्ताव के अनुसार अर्द्धकुशल मजदूरों को एक अप्रैल के बाद 276 के बदले 299 रुपये मिलेंगे. लोगों से सुझाव लेने के बाद दो महीने में यह लागू कर दिया जायेगा.