पटना : पुलवामा में भीषण आतंकी हमले के बाद ट्विटर पर जो दो मुखर लोग चुप हैं, उनके नाम हैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और राजद प्रमुख लालू प्रसाद. वे दोनों ना जैश-ए-मोहम्मद की निंदा कर सकते हैं, ना आतंकवाद के शिकार सुरक्षा बल और भारत सरकार के साथ खड़े होने का हौसला रखते हैं. संकट के समय ही पता चलता है कि असली दोस्त कौन हैं?
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वहीं, दूसरे ट्वीट में सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए कहा है कि पाकिस्तान की सरजमीं से संचालित कट्टरपंथी इस्लामी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले में 44 जवानों की शहादत के बाद जहां देश में गहरा रोष और शोक है, भाजपा और राजग सरकार ने अपने कई कार्यक्रम रद कर दिये, वहीं विरोधी दल के कुछ नेता इस विषम परिस्थिति में भी ओछी बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि जिस वक्त राजनीति से ऊपर उठ कर आतंकियों और उनके सरपरस्तों की निंदा करने में एकजुटता दिखानी चाहिए थी, कुछ लोग 56 इंच के सीने की बात कर अपने घटियापन का इजहार कर रहे हैं. यही लोग सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांगने में भी आगे थे.
https://twitter.com/SushilModi/status/1096397415383322624?ref_src=twsrc%5Etfw
मालूम हो कि कटिहार में पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा है कि ”चुनाव के पूर्व मोदी 56 इंच के सीना लेकर घूमते हैं. चुनाव के बाद बिरयानी खाने पाकिस्तान चले जाते हैं.”
हाालांकि, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर कहा था कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में जवानों के शहीद होने पर ट्वीट कर कहा है कि गहरी पीड़ा हुई. ऐसे कायरतापूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के लिए प्रार्थना. साथ ही उन्होंने सरकार से आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी बात कही है.
