दिल्ली से लाया गया एजीएम प्रणव का शव
पटना : दिल्ली के एक होटल में आग लगने से अपनी जान गंवाने वाले पटना के प्रणव कुमार भास्कर का शव बुधवार को यहां विमान से लाया गया.
नेहरू नगर राय रामवृक्ष पथ मोहल्ले के सनराइज अपार्टमेंट में शव पहुंचते ही चीख-पुकार मच गयी. पूरे मुहल्ले में गम का माहौल तभी से बना हुआ है, जब से उन्हें हादसे की खबर मिली. उनकी पत्नी दीपा दो छोटे बच्चों कृषभ (चार साल) और ऋषभ (एक साल) के साथ थीं. दोनों बच्चों को पता नहीं था कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं. प्रणव का अंतिम संस्कार दीघा घाट पर कर दिया गया है.
33 साल के प्रणव हैदराबाद में एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) में एजीएम थे. वह छह लोगों के साथ एक सम्मेलन में शरीक होने दिल्ली के अर्पित पैलेस में ठहरे हुए थे. यह होटल दिल्ली के करोलबाग में है, जहां बीते मंगलवार को आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गयी थी. अपने बेटे को खोने वाले प्रणव के पिता कृष्ण गोपाल प्रसाद ने हादसे की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि होटल की खिड़कियों के शीशे इतने मोटे थे कि उसे तोड़ने में काफी वक्त लग गया.
इस देरी से कमरे में धुंआ भर गया. वह रोते हुए कहते हैं ‘मेरा बेटा तड़प कर हमें छोड़ गया.’ वह एक साल के ऋषभ को गोद में लेकर बताते हैं कि 23 को इसका जन्मदिन मनाने हम सपरिवार हैदराबाद जाने वाले थे. वह पोते को देखकर इस तरह बिलखने लगते हैं कि माहौल भारी हो गया.
