गर्दनीबाग में शिक्षकों के कई संगठनों ने किया जोरदार प्रदर्शन
पटना : बुधवार को गर्दनीबाग धरना स्थल कई शिक्षक संगठनों की मांगों से गूंज उठा. संगठनों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच शिक्षक संगठनों ने खूब नारेबाजी की. हालांकि ये संगठन विधानसभा का घेराव करने में असमर्थ रहे. धरना स्थल पर प्रदर्शन करने वाले संगठनों में वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा, टीइटी/सीटीइटी उत्तीर्ण शिक्षक बहाली मोर्चा, राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ आदि संगठन शामिल रहे.
शुरू की भूख हड़ताल : टीइटी/सीटीइटी उत्तीर्ण शिक्षक बहाली मोर्चा ने प्रदेश महासचिव नीतीश पांडे के नेतृत्व में पहले भूख हड़ताल शुरू की. उसके बाद प्रदर्शन शुरू कर दिया. मोर्चा पदाधिकारियों ने सरकार की नीतियों को शिक्षा विरोधी बताया.
इसी तरह वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने भी प्रदर्शन किया. संगठन का कहना है कि सरकार की उपेक्षा के चलते न तो उन्हें वेतन ही मिल पा रहा है और न नौकरी में स्थिरता है.
संगठन की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन संगठन के सचिव राम विनेश्वर सिंह, महासचिव जय नारायण सिंह के नेतृत्व में किया गया. बुधवार को ही बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ ने सेवा शर्तों में सुधार के लिए प्रदर्शन किया.
घायल महिला को कंधे पर लेकर इलाज को जाना पड़ा : गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर कई संगठनों के धरना, प्रदर्शन और घेराव के चलते राहगीरों को जबरदस्त परेशानी का सामना करना पड़ा. लोग काफी समय तक लगे जाम में फंसे रहे. हालात ऐसे बने कि सड़क दुर्घटना में घायल एक युवती को उसका एक परिजन कंधे पर लाद कर प्रदर्शनकारियों के बीच में किसी तरह संघर्ष करते हुए अस्पताल रवाना हुआ. उनका वाहन जाम में फंस गया था.
पटना : बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से उस आदेश पर पुनर्विचार कर स्थगित करने का आग्रह किया है, जिसमें राज्य के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को 11 फरवरी से ही माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों का बेस्ट (बिहार इजी स्कूल ट्रैकिंग) मोबाइल एप से अनुश्रवण व निरीक्षण करने का आदेश दिया गया हैं.
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव सह पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने अपर मुख्य सचिव को पत्र लिख कर कहा है कि 6 फरवरी से इंटर की परीक्षा हो रही है. इसके बाद 21 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा होगी. इन परीक्षाओं में स्कूलों के अधिकांश शिक्षक वीक्षण कार्य में लगे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की शिक्षा में गुणात्मक विकास के लिए संघ ने शिक्षा विभाग को एक लिखित सुझाव सौंपा था.
हालांकि, उस पर विचार किये बिना, इस तरह का अव्यावहारिक आदेश जारी कर दिया गया है. संघ के महासचिव सह पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने अपर मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि इंटर व मैट्रिक परीक्षा, मूल्यांकन तथा लोस चुनाव तक इस निरीक्षण संबंधी आदेश को स्थगित किया जाये.
