बजट सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने दी जानकारी
पटना : शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि राज्य में शिक्षकों की कमी है. इसे देखते हुए राज्य सरकार एसटीइटी पास अभ्यर्थियों को गेस्ट टीचर की नियुक्ति में प्राथमिकता देने पर विचार कर रही है. साथ ही 2011-12 में एसटीइटी पास अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की वैधता की समयावधि बढ़ाने पर भी सरकार विचार कर रही है.
शिक्षा मंत्री सदन में राजद के आलोक कुमार मेहता, भोला यादव, अख्तरुल इस्लाम शाहीन व विजय प्रकाश के ध्यानाकर्षण सूचना का जवाब दे रहे थे. सदस्यों ने सरकार से पूछा था कि 2011-12 में एसटीइटी में उत्तीर्ण हुए और 2016 में पंचम चरण शिक्षक नियोजन में बिहार के विभिन्न जिलों के उत्क्रमित विद्यालयों की रिक्तियां नहीं जोड़ने के कारण अभ्यर्थी नियोजन से वंचित रह गये. राज्य में करीब 5700 उत्क्रमित माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय बिना शिक्षक के चल रहे हैं. इसके कारण पठन-पाठन बाधित हो रहा है.
ऐसे में एसटीइटी अभ्यर्थियों की उम्र सीमा बढ़ायी जाये. शिक्षा मंत्री ने अपने जवाब में बताया कि प्रमाणपत्रोंकी वैधता सात वर्षों तक के लिए निर्धारित है. उन्होंने बताया कि रिक्त पदों के आलोक में 19502 शिक्षकों के पदों के सृजन की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि पटना हाइकोर्ट द्वारा नियमावली की उत्पत्ति के समय से ही निरस्त की गयी है.
इसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील में गयी है. उम्मीद है कि इसका जल्द ही फैसला आ जाये. उन्होंने बताया कि टीइटी अभ्यर्थियों के मामले में राज्य सरकार कुछ भी नहीं कर सकती है. इस पर केंद्र सरकार ही कोई निर्णय ले सकती है. सदस्यों के आग्रह को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने भी कहा कि एसटीइटी व प्रमाण पत्रों की वैधता की समय सीमा बढ़ाने का सुझाव उपयुक्त है. इसके बाद शिक्षा मंत्री ने दोनों सुझावों पर सदन को अाश्वासन दिया कि सरकार इस पर विचार करेगी.
शून्यकाल में उठा तालीमी मरकज व टोला सेवकों का मामला
विधान परिषद में राजद के डॉ रामचंद्र पूर्वे ने तालीमी मरकज व टोला सेवक के शिक्षकों के आमरण अनशन का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार को उनलोगों से वार्ता करनी चाहिए. भाजपा के प्रो नवल किशोर यादव ने कहा वित्त रहित कर्मियों के लिए निर्णय लागू नहीं हो रहा है. प्रेमचंद्र मिश्रा ने आर्य कुमार रोड में 10 लाख की लूट पर सवाल उठाया. उन्होंने हाल के दिनों में हुए कई लूट का ब्योरा दिया. इससे पहले
सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही राजद के सुबोध कुमार ने बढ़ते अपराध को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाकर बहस कराने की मांग की. कार्यकारी सभापति माे हारुण रशीद ने नियमन का हवाला देते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया.
