क्लर्क की गलती का खामियाजा भुगत रहे छात्र
पटना : प्रॉस्पेक्टस में प्रति वर्ष अठारह हजार रुपया फीस अंकित था. लेकिन, जब छात्रों ने नामांकन ले लिया और एक सेमेस्टर पूरा हो गया, तो उन्हें पता चला कि अब अठारह हजार और देने हैं.
छात्रों को इसकी जानकारी नहीं थी और जब उनके ऊपर दोगुना फीस का भार बढ़ा, तो वे फीस को कम करने की मांग को लेकर कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह के पास पहुंच गये. हालांकि, उस वक्त कुलपति नहीं थे. छात्रों का कहना था कि वे 18 हजार प्रति वर्ष फीस सोच कर नामांकन लिये थे. लेकिन, अब उन्हें दोगुना फीस भरना होगा.
गलती से हुआ कंफ्यूजन : क्लर्क की गलती से छात्रों में यह कंफ्यूजन हुआ. पीयू की वेबसाइट पर जो प्रॉस्पेक्टस ऑनलाइन डाला गया था, उसमें प्रति इयर फीस लिये जाने की बात लिखी थी. इस संबंध में विभाग का कहना है कि पहले से भी प्रति सेमेस्टर ही फीस लिया जा रहा है, इस बार गलती से प्रति इयर फीस लिखे जाने से समस्या उत्पन्न हुई.
अधिकारी बोले
यह क्लर्क की गलती है, जिस वजह से प्रॉस्पेक्टस में प्रति सेमेस्टर की जगह प्रति इयर फीस लिखा गया है. उसमें सुधार कर लिया जायेगा. लेकिन, अब फीस में कमी नहीं की जा सकती है. क्योंकि, रेगुलेशन व आर्डिनेंस में प्रति सेमेस्टर ही फीस तय है. इसमें बदलाव नहीं हो सकता है.
डॉ विवेकानंद मिश्र, विभागाध्यक्ष, बायोकेमिस्ट्री, पीयू
