पटना : इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में 40 एमबीबीएस छात्रों के फेल होने पर संस्थान की बोर्ड ऑफ गवर्निंग के सदस्यों ने भी सवाल खड़े किये हैं.
कॉलेज की एकेडमिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए बीओजी के सदस्यों ने कहा कि प्रतिष्ठित संस्थान में एक साथ फाइनल इयर के 40 बच्चे फेल व 11 बच्चों के ग्रेस मार्क के साथ पास होने के बाद संस्थान की पढ़ाई, बिहार के अलावा अन्य मेडिकल कॉलेजों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र : बीओजी के सदस्य डॉ सुनील कुमार सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को पत्र लिखा है. पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा कि इससे पहले भी आइजीआइएमएस में 56 छात्रों के फेल होने का मामला आया है.
उन्होंने कहा कि छात्र क्यों फेल हो रहे हैं, इसकी जांच की जाये और फेल हुए छात्रों की कॉपी किसी दूसरे मेडिकल कॉलेज में जांच करायी जाये. छात्र क्यों फेल हो रहे हैं और एकेडमिक माहौल कैसा है, इसकी जांच स्वास्थ्य विभाग स्तर पर की जाये.
साथ ही सुनील सिंह ने कहा कि बिहार के अन्य मेडिकल कॉलेजों की तरह आइजीआइएमएस की परीक्षा की जिम्मेदारी किसी दूसरी यूनिवर्सिटी को दी जाये, ताकि मेडिकल छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं हो. उल्लेखनीय है कि छह फरवरी को संस्थान के फाइनल इयर के एमबीबीएस छात्रों का रिजल्ट आया था, जिसमें 40 छात्र फेलहो गये थे.
