केंद्रीय एवं नवोदय विद्यालयों के प्राचार्यों को बुलाकर दिया निर्देश
पटना : अंक देने के मामले में सीबीएसइ अब कोई गलती नहीं चाहता है. उसे वह सहन भी नहीं करेगा. इस संबंध में शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के शीर्ष अफसरों ने देश भर के केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों के प्राचार्यों को बुला कर निर्देश दिया है. अफसरों ने दो टूक कह दिया है कि कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन की नौबत नहीं आनी चाहिए. इसलिए कॉपी जांच कराने की प्रक्रिया में अंक देने की कवायद सोच-समझकर की जाये.
जानकारी हो कि हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय में एक सीबीएसइ बोर्ड एग्जाम उत्तीर्ण कर गये विद्यार्थी का इसलिए प्रवेश नहीं हो सका कि उसके नंबर कुछ कम थे. विद्यार्थी ने इस मामले में कोर्ट की शरण ली. उसकी कॉपी का पुन: मूल्यांकन किया गया, तो उसके नंबर पहले से बेहतर आये. अंत में दिल्ली विश्वविद्यालय ने उसे प्रवेश दिया. इस केस के बाद सीबीएसइ की काफी किरकिरी हुई थी.
लिहाजा एचआरडी मिनिस्ट्री ने सीबीएसइ अफसरों के शीर्ष अफसरों से लेकर प्राचार्य तक को निर्देश दिया है. इसके अलावा किस तरह पढ़ाई का स्तर मजबूत हो, इस पर भी कार्यशाला में विचार किया गया.
सभी केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों के प्राचार्य शामिल हुए : इस कार्यशाला में बिहार के सभी केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालय के प्राचार्यों ने शिरकत की. बेली रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि इस बार पहले से भी बेहतर कॉपियों का मूल्यांकन किया जायेगा.
