पटना : राज्य सरकार ने छह आइएएस अधिकारियों को नयी जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि एक आइएएस अधिकारी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति दे दी है.
एक आइएफएस रैंक के अधिकारी को भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. बिहार कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के अध्यक्ष संजीव कुमार सिन्हा (अतिरिक्त प्रभार बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद का परीक्षा नियंत्रक) को सामान्य प्रशासन विभाग में मुख्य जांच आयुक्त बनाया गया है.
राज्य सरकार ने हाल में एसएससी के अध्यक्ष की पत्नी और सचिव के बीच हुए विवाद के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों को एसएससी से हटा दिया है. दोनों अधिकारियों को अलग-अलग प्रभार सौंप दिया गया है. इस विवाद ने काफी तूल पकड़ लिया था और सचिव योगेंद्र राम के पक्ष में बिहार प्रशासनिक सेवा संघ भी उतर गया था. उसने सीएम को इस बात की लिखित शिकायत भी की थी.
इसके अलावा अरवल डीएम सतीश कुमार सिंह को भवन निर्माण विभाग में अपर सचिव और भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव रवि शंकर चौधरी को अरवल का डीएम बनाया गया है.
वहीं, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविंद कुमार चौधरी को बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद का परीक्षा नियंत्रक, स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार को बिहार एड्स नियंत्रण सोसाइटी के कार्यपालक निदेशक और निदेशक सामाजिक वानिकी (ग्रामीण विकास विभाग) पीसी खंडूजा को मनरेगा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है.
इसके अलावा साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड आर. लक्ष्मण को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति दे दी है. उन्हें नयी दिल्ली स्थित ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है.
उन्हें विरमित करने की अनुमति राज्य सरकार ने देते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है. उनके स्थान पर बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन) संजीवन सिन्हा को बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
राज्य सरकार ने एसएससी के सचिव के योगेंद्र राम को राज्य निर्वाचन आयोग का सचिव बना दिया है. रोहतास के एडीएम ओम प्रकाश पाल को एसएससी का सचिव बनाया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है.
