पटना: पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर व एसटीएफ जवानों के बीच हुई मारपीट के बाद मंगलवार की देर रात जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गये. देर रात से ही अधीक्षक के दिशा-निर्देश मिलने के बाद सीनियर चिकित्सकों ने आ कर काम संभाल लिया. सभी के लिए नया रोस्टर बनाया गया. बुधवार को ओपीडी व इमरजेंसी का काम सीनियर डॉक्टरों ने संभाला.
पीएमसीएच अधीक्षक डॉ लखींद्र प्रसाद ने बताया कि सिविल सजर्न से 50 डॉक्टरों की मांग की गयी थी, जिसके बाद देर शाम तक 23 चिकित्सकों ने अपना योगदान दे दिया था. इसके बाद बाकी चिकित्सक भी गुरुवार शाम तक आ जायेंगे. डॉ केके मिश्र ने कहा कि 23 चिकित्सकों ने काम संभाल लिया है और मुजफ्फरपुर में प्रतिनियुक्ति पर तैनात 15 चिकित्सक गुरुवार तक काम संभाल लेंगे.
अस्पताल प्रशासन से नहीं हुई कोई वार्ता
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने बताया कि अस्पताल प्रशासन व उनके बीच बुधवार को किसी भी तरह की कोई वार्ता नहीं हुई है. हम अपनी मांग को लेकर गुरुवार की शाम तक देखेंगे, लेकिन उसके बाद हम आगे की रणनीति बनायेंगे. अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, दोषियों को नहीं पकड़ा जायेगा, तो हम समानांतर ओपीडी चलायेंगे. पीएमसीएच में आनेवाले मरीजों का इलाज होगा, लेकिन जब तक हमारी मांग को पूरा नहीं किया जायेगा. हम हड़ताल को वापस नहीं लेंगे.
नये उपाधीक्षक ने संभाला मोरचा
हड़ताल की खबर मिलने के बाद अधीक्षक डॉ लखींद्र प्रसाद व उपाधीक्षक डॉ सुधांशु सिंह इमरजेंसी पहुंच गये. इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों व नर्सो को बताया कि काम कैसे हो कि मरीजों को परेशानी नहीं हो, इसको लेकर हड़ताल के बाद एक मीटिंग हुई.
सभी हेल्थ मैनेजरों को काम पर लगा दिया और बताया कि मरीजों को हर सुविधा मिले. इसका पूरा ध्यान रखें कि मरीजों को इलाज कराने में परेशानी नहीं हो.
