टेंपो चालक को मार कर कुएं में फेंका

बिहटा: बीते 20 जून को थाना क्षेत्र के आनंदपुर गांव से शाम सात बजे खाना खाने के बाद घर के बाहर टहलने के दौरान अपहृत 17 वर्षीय टेंपोचालक मुन्ना उर्फटेनी का शव बुधवार को आनंदपुर कैंप के समीप बिहटा-मनेर मुख्य मार्ग से सौ गज की दूरी पर एक कुएं से बरामद किया गया . उसका […]

बिहटा: बीते 20 जून को थाना क्षेत्र के आनंदपुर गांव से शाम सात बजे खाना खाने के बाद घर के बाहर टहलने के दौरान अपहृत 17 वर्षीय टेंपोचालक मुन्ना उर्फटेनी का शव बुधवार को आनंदपुर कैंप के समीप बिहटा-मनेर मुख्य मार्ग से सौ गज की दूरी पर एक कुएं से बरामद किया गया .

उसका शव मिलने की खबर मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गये. गुस्साये ग्रामीणों ने देर से पहुंचे पुलिसवालों को घटनास्थल से खदेड़ दिया. ग्रामीणों ने घटना के विरोध में आनंदपुर कैंप के समीप मुख्य मार्ग को जाम कर घंटों हंगामा किया . परिजनों का आरोप था कि नामजद प्राथमिकी के बाद भी पुलिस चुपचाप बैठी रही. इससे अपहर्ताओं का हौसला बढ़ गया और उन लोगों ने मुन्ना की हत्या कर दी .

चरवाहों ने देखा शव

जानकारी के अनुसार बुधवार कि सुबह चरवाहों ने ग्रामीणों को कुएं में शव होने कि सूचना दी .शव होने की खबर पर पहुंचे अपहृत के परिजनों ने उसकी पहचान टेंपोचालक मुन्ना उर्फ टेनी के रूप में की.

इसकी जानकारी ग्रामीणों ने बिहटा पुलिस को दी , लेकिन सूचना के काफी देर के बाद पुलिस पहुंची. मृतक के चचेरे भाई संजीत कुमार, अरविंद कुमार, विश्वनाथ कुमार आदि का आरोप था की आरोपित काफी दबंग हैं. स्थानीय पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने के बाद भी हाजत में बंद नहीं रखती थी और घूमने की आजादी दी हुई थी .वहीं, एक अन्य नामजद कमलेश राय को पुलिस ने पकड़ कर छोड़ दिया था . परिजनों का आरोप था कि नामजद प्राथमिकी के बाद भी पुलिस चुपचाप बैठी रही. इससे अपहर्ताओं का हौसला बढ़ गया और उन लोगों ने मुन्ना की हत्या कर दी .

मृतक के परजिनों का आरोप था कि पुलिस आरोपितों के साथ मिली हुई थी और इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी. अपहरण की सूचना पर अगर पुलिस यदि सक्रि य होती, तो अपहृत की जान नहीं जाती . मृतक अपने घर का इकलौता कमानेवाला था. बेटे के अपहरण के बाद से ही मां कलशिया देवी का हालत खराब थी. बेटे कि मौत की खबर सुन कर मरणासन्न हो गयी है . वहीं , दोनों बहनें अनिता , सुनीता देवी और भाभी रूपा देवी दहाड़ मार कर लगातार रोये जा रही थी.

पुलिस की मदद कर रहा था सूरज

भगवान थानाध्यक्ष को कभी भी माफ नहीं करेगा उसे नरक मे भी जगह नसीब नहीं होगी. उक्त बातें मृतक युवक के चाचा सह पुलिस की गोली से जख्मी सूरज कुमार के पिता बुधदेव राय ने कल्पते हुए कह रहे थे .

उनका कहना था की घटना के तीन घंटे बाद थाना प्रभारी के पहुंचने पर लोग गुस्से में थे. उनका बेटा ग्रामीणों को समझाने के साथ पुलिस की मदद कर रहा था .

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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