पटना : राज्य की पुलिस को एक हजार से अधिक नयी गाड़ियां मिलेंगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार पुलिस को दशकों पुरानी खटारा जीप से मुक्त करने जा रहे हैं. वह एक सप्ताह के अंदर एक हजार से अधिक वाहनों काे फ्लैग ऑन कर पुलिस को समर्पित करेंगे. इसके बाद बिहार पुलिस जीप की जगह जिप्सी आैर बोलेरों में गश्त करती नजर अायेगी.
बीएमपी पांच का परिसर पुलिस के लिए खरीदी गयी जिप्सी से पट गया है. बिहार पुलिस को सभी जरूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है. बीते दिनों कैबिनेट की बैठक में पुलिस के लिए नए वाहनों की खरीद को 58.73 करोड़ धनराशि स्वीकृत की गयी थी.
राज्य सरकार के अनुरोध पर शस्त्र और विशेष वाहनों की खरीद
राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार भी शस्त्र और विशेष तरह के वाहनों की खरीद कर रहा है. पिछले साल प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आंतरिक सुरक्षा के को लेकर देशभर के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई थी.
इसमें सीएम ने अत्याधुनिक हथियार, एंटी लैंड माइन गाड़ियां, विशेष शाखा के लिए कई तरह के उपकरण के लिए भारत सरकार से धनराशि की जगह साजो-सामान उपलब्ध कराने की मांग की थी. इसके अलावा कैबिनेट 660 पुलिस थानों में फरियादियों के लिए स्वागत कक्ष के लिए 34.16 करोड़ तथा आठ जिलो में एससी/एसटी थानों के निर्माण को 49 करोड़ की धनराशि जारी की गयी है. उग्रवाद प्रभावित जिलों में फोर्टीफाइड पुलिस स्टेशन की स्थापना के लिए 70 करोड़ रुपये की स्वीकृत बहुत पहले दी जा चुकी है.
सुशासन और कानून व्यवस्था मुख्यमंत्री जी की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं. सरकार इसके लिए पुलिस को सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध करा रही है. कुछ दिनों में पुलिस को एक हजार नये वाहन मिल जाएंगे.
गुप्तेश्वर पांडेय, डीजीपी
