पटना : सीटों के बंटवारे पर वाम दलों का रवैया ‘अपनी डफली, अपना राग’ जैसा है. सीपीआइ एमएल, सीपीआइ और सीपीएम अभी तक एक प्लेटफाॅर्म पर बातचीत को नहीं आये हैं. खास बात यह भी है कि अलग-अलग स्तरों पर ही महागठबंधन को लेकर अनौपचारिक बातचीत हुई है. आधिकारिक तौर पर अभी तक इसमें गंभीरता नहीं दिखायी गयी है. वाम दलों ने अपने-अपने हिसाब से सीटों पर दावेदारी भी कर रखी है.
बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं. चर्चा पर भरोसा करें तो महागठबंधन की बड़ी पार्टियां अपने-अपने हिसाब से सीटों पर दावेदारी कर रही हैं. वाम दलों की बात करें तो करीब 14 सीटों पर इनलोगों की भी दावेदारी है.
भाकपा माले के प्रदेश सचिव कुणाल कहते हैं कि पाटलिपुत्र, वाल्मीकिनगर, आरा, सीवान, जहानाबाद, काराकाट सीटों पर हमारी पार्टी ने दावेदारी की है. इन स्थानों पर हमारी पार्टी को अच्छे वोट मिलने का भरोसा है. पिछला रिकॉर्ड भी अच्छा ही है. हालांकि, जब मिल बैठकर बात होगी तो आगे-पीछे हो जायेगा.
