फुलवारीशरीफ : शराबबंदी के बाद भी शराब पीकर रोज-रोज हल्ला मचाने और मारपीट करने से आजिज घर वालों ने ही शराबी युवक को पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया. परिवार वालों को लगा था कि शायद जेल में कुछ दिनों रहने के बाद सुधार हो जायेगा, लेकिन इधर शराबी युवक की जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.
परिजन जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी की तबीयत बिगड़ने पर पीएमसीएच भेजा गया था, वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. पटना के बेऊर जेल में शराब पीकर घर में लड़ाई- झगड़ा करने के आरोप में बंद कैदी राजेंद्र मोची की संदेहास्पद मौत 25 जनवरी को हो गयी. कैदी राजेंद्र मोची गौरीचक थाना के चिपुरा का रहने वाला था. राजेंद्र मोची के पिता शिव दास ने ही पुलिस को बुलाकर अपने बेटे को गिरफ्तार करवाया था. पिता, पत्नी और सभी परिवार वाले 32 वर्षीय राजेंद्र मोची का शराब पीकर लड़ाई- झगड़ा करने से अजिज हो गये थे.
इधर, जेल में रहते हुए परिजनों को राजेंद्र मोची ने खबर भिजवाया था कि उसकी जमानत करवा दें अब वह शराब नहीं पियेगा. इधर, राजेंद्र मोची की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया. पिता शिव दास ने बताया कि 24 जनवरी को ही वे जेल में बेटे से मिलकर गये थे उस दिन वह बिल्कुल ठीक था. फिर अचानक उन्हें बेटे की मौत की सूचना पुलिस ने दी. जब वह पहुंचे तो उनके बेटे की लाश पीएमसीएच के पोस्टमार्टम हाउस में पड़ी हुई थी.
माले नेता सत्यानंद कुमार के साथ शिव दास गौरीचक थाना पहुंचे और जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया . गौरीचक थाना से उन्हें बेऊर थाना भेज दिया. बेऊर थाना में मृतक के पिता शिव दास को पुलिस ने बताया कि इस मामले में यूडी केस दर्ज हो चुका है. अब आपका बयान बाद में लिया जायेगा.
मृतक के पिता शिव दास उस दिन को कोस रहे हैं जब उन्होंने खुद पुलिस को बुलवाकर अपने बेटे को गिरफ्तार करवा दिया था . रोते -कलपते हुए पिता कहते हैं कि उनपर तो कलंक लग गेलइ अब बेटे की पत्नी और बच्चों को क्या जवाब दूंगा. पति की जेल में मौत की खबर से पत्नी , 13 वर्षीया पुत्री काजल , दस साल के पुत्र सोनू और 5 साल के शेखर का रो- रोकर हाल बेहाल है.
माले ने दी आंदोलन की चेतावनी
माले नेता सत्यानंद कुमार ने कहा कि मृतक के पिता के साथ वे जेलर से मिलने गये थे. मुलाकात का पर्चा लगाया, लेकिन जेलर से मुलाकात नहीं करायी गयी और कहा गया कि जेलर साहेब मीटिंग में हैं, बाद में आइयेगा. माले नेता ने कहा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराये, वर्ना आंदोलन किया जायेगा.
क्या कहना है कारा अधीक्षक का
इस मामले में कारा अधीक्षक बेऊर रूपक कुमार ने बताया कि शराब पीने के आरोप में बंद एक बंदी को हार्ट अटैक आया था. तत्काल उसे पीएमसीएच भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
गौरीचक थानेदार कृष्ण मुरारी ने बताया कि 22 दिसंबर को गौरीचक पुलिस ने राजेंद्र मोची को नशे की हालत में जेल भेजा था. राजेंद्र मोची के घरवालों ने ही उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी. बेऊर थानेदार रंजन कुमार ने बताया कि इस मामले में यूडी केस दर्ज कराया गया है.
