पटना : राज्य में सवा करोड़ बिजली उपभोक्क्तओं के घर बिजली चोरी रोकने और बिल का सही समय पर भुगतान करवाने के लिए पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाये जायेंगे. पहले चरण में करीब डेढ़ लाख घरों में इसे लगाये जाने की योजना है. बिजली कंपनी के सूत्रों का कहना है कि पिछले दो से तीन वर्षों के दौरान प्रायोगिक आधार पर छह से सात हजार क्वार्टरों में स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं. साथ ही प्रदेश में कुछ कृषि फीडरों में भी इसे लगाया गया है.
सभी जगह मीटर की सफलता दिखने के बाद स्मार्ट मीटर लगाने के लिए पिछले दिनों कंपनी और इनर्जी एफसिएंशी सर्विसेज लिमिटेड (इइएसएल) के अधिकारियों के बीच 20 लाख घरों में अगले दो साल में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए समझौता हुआ है. इसकी शुरुआत राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगी. इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि स्मार्ट मीटर पोस्ट पेड होंगे या प्री पेड. करीब एक करोड़ तीस लाख उपभोक्ताओं के यहां इसे लगाने में चार से पांच वर्ष का समय लगेगा.
बिल का सही समय पर होगा भुगतान
स्मार्ट मीटर के फायदे
स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे बिजली चोरी रुकेगी. साथ ही एग्रीगेट टेक्निकल एंड कॉमर्शियल (एटीएंडसी) नुकसान में कमी आयेगी. यह वर्ष 2018-19 के दौरान करीब 28 फीसदी रहने की संभावना है.
क्या कहते हैं मंत्री
राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग के मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य में पुराने मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाये जाने की योजना है. इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है. इस पर राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद चरणबद्ध तरीके से पुराने मीटर को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हो जायेगा.
