पटना : बच्चों को भी शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाना चाहती हैं पार्षद
पटना : जुलाई 2018 में हुई स्थायी समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि सभी पार्षदों को शैक्षणिक भ्रमण पर देश के प्रमुख नगर निगमों में भेजा जायेगा. 15 जनवरी के आसपास ही पार्षदों को शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना होगा था, लेकिन भ्रमण को लेकर अब तक शत प्रतिशत पार्षदों ने अपनी सहमति […]
पटना : जुलाई 2018 में हुई स्थायी समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि सभी पार्षदों को शैक्षणिक भ्रमण पर देश के प्रमुख नगर निगमों में भेजा जायेगा. 15 जनवरी के आसपास ही पार्षदों को शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना होगा था, लेकिन भ्रमण को लेकर अब तक शत प्रतिशत पार्षदों ने अपनी सहमति नहीं दी है. इससे पार्षदों को शैक्षणिक भ्रमण पर भेजने की योजना लटकी है.
जानकारी के अनुसार शुक्रवार कीशाम तक 75 पार्षदों में से 58 पार्षदों नेअपनी सहमति दी है. डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू सहित 16 पार्षदों ने अब तक सहमति नहीं दी है, इन 16 पार्षदों में अधिकतर महिलाएं है. शैक्षणिक भ्रमण में प्रावधान किया गया है कि महिला पार्षद अपने पति या पुत्र को साथ ले जा सकती हैं. लेकिन, अधिकतर महिला पार्षदों का कहना है कि पति के साथ बच्चों को भी ले जायेंगी. इस कारण अधिकतर महिला पार्षदों ने अपनी सहमति नहीं दी है.
एक पार्षद पर खर्च किये जायेंगे 50 हजार
निगम प्रशासन ने पार्षदों के सात ग्रुप बना कर अहमदाबाद, सूरत, तिरुवनंतपुरम, भोपाल जैसे नगर निगमों का शैक्षणिक भ्रमण कराने की योजना बनायी है. भ्रमण योजना पर 37.5 लाख रुपये आवंटित किया गया, ताकि एक पार्षद पर 50 हजार रुपये खर्च की जा सके. मेयर सीता साहू ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण के दौरान पार्षद संबंधित निगमों में पार्षदों की भूमिका, फाइलों का मूवमेंट, ठोस कचरा प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन और नागरिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं का निरीक्षण करेंगे. इससे संबंधित रिपोर्ट बना कर सौंपेंगे, ताकि पटना नगर निगम में भी अच्छे कार्यों को क्रियान्वयन किया जा सकेगा.