पटना : इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में पिछले चार वर्षों में दो हजार मरीजों की एंजियोप्लास्टी की जा चुकी है. आठ हजार मरीजों की एंजियोग्राफी की जा चुकी है.
यह कहना है हृदय रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ बीपी सिंह का. दरअसल बुधवार को आइजीआइएमएस के कैथ लैब के पांच साल पूरे होने पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन आइजीआइएमएस के डायरेक्टर डॉ एनआर विश्वास, दिल्ली से आये डॉ वीके बहल, एम्स के निदेशक डॉ पीके सिंह व डॉ बीपी सिंह ने किया. एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रवि विष्णु ने कहा कि हृदय रोग विभाग में जल्द ही दूसरा नया कैथ लैब शुरू करने की योजना बनायी जा रही है. इससे समय पर एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और बाइपास सर्जरी आदि करने में काफी सहूलियत मिलेगी.
डॉ बीपी सिंह ने कहा कि आइजीआइएमएस के हृदय रोग विभाग में 200 बेडों का अस्पताल बनाने की योजना बनायी गयी है. इससे हृदय रोग संबंधी मरीजों का समय पर इलाज हो सकेगा. डॉ वीके बहल ने कहा कि बाइपास सर्जरी से बेहतर एंजियोप्लास्टी है. डॉ मनीष मंडल ने कहा कि हृदय रोग विभाग में जल्द ही डीएम कोर्स की पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी. मौके पर न्यूरो रोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ गोपाल प्रसाद सिन्हा, डॉ पद्मश्री डॉ एसएन आर्या आदि डॉक्टर उपस्थित थे.
