पटना सिटी : अगमकुआं स्थित सूबे के एक मात्र संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला में खाद्य प्रयोगशाला में फंगस से जुड़े खाद्य पदार्थों की जांच हो, इसके लिए माइक्रो बायोलॉजी यूनिट की स्थापना होगी. बुधवार को भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ)के सहायक निदेशक शैलेंद्र कुमार व कोलकाता सेंट्रल फूड लेबोरेटरी के निदेशक एके अधिकारी संस्थान पहुंचे, जहां पर खाद्य प्रयोगशाला में उपलब्ध संसाधन व मशीनों को देखा.
इस दरम्यान प्रयोगशाला के निदेशक व खाद्य विशेषज्ञ महेंद्र प्रताप सिंह से वहां उपलब्ध संस्थान की जानकारी ली. प्रयोगशाला के प्रभारी निदेशक ने गैसको मोटोग्राफी, गैस एनिलाइजर, फोटो साइंटोग्राफी समेत अनेक उपलब्ध मशीन व कार्य प्रणाली की जानकारी दी. इस दरम्यान डॉ विनय कुमार सिंह के साथ अन्य खाद्य विशेषज्ञ व कर्मी भी उपस्थित थे. टीम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच करने वाली मोबाइल वैन की स्थिति को देखा. साथ ही इसे प्रयोग में लाने पर बल दिया.
टीम ने निरीक्षण के दरम्यान आवश्यक निर्देश भी दिया. दरअसल खाद्य प्रयोगशाला को अपग्रेड करने की योजना है. प्रयोगशाला के निदेशक व खाद्य विशेषज्ञ महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इसी मामले में टीम यहां आयी थी. टीम यहां पर माइक्रो बायोलॉजी यूनिट की स्थापना करेगी, खाद्य विशेषज्ञ ने बताया कि यूनिट की स्थापना होने के उपरांत यहां पर मिठाई, दूध, पानी, मछली व फंगस वाली सभी खाद्य पदार्थों की जांच होगी. क्योंकि वर्तमान में माइक्रो बायोलॉजी जांच की सुविधा संस्थान में नहीं होने से प्रयोगशाला में वैसे ही जांच किये जाते है. जिनका केमिकल व अन्य संसाधन उपलब्ध है.
बाकी जांच के लिए दूसरे प्रदेश भेजा जाता है. टीम ने निरीक्षण के दरम्यान यह संकेत अपग्रेड करने का दिया है. टीम के सदस्यों ने संस्थान का निरीक्षण करने के उपरांत निदेशक प्रमुख से भी मिलने गये. जहां पर संस्थान के अपग्रेड की कार्य योजना बनायी गयी. संस्थान के उपरि भवन में संचालित औषधि प्रयोगशाला में दवाओं व काॅस्मेटिक की जांच कार्य संचालित होता है.
