पटना : अाखिरकार अतिक्रमण हटाने का फायदा आम लोगों को नहीं मिल सका. जिस जोर-शोर वाले अंदाज में जिला प्रशासन और नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने के अभियान की शुरुआत की थी. अब (पेसू) विद्युत विभाग ने ही प्रशासन के अभियान की बत्ती लगा दी है.
दरअसल, चार माह से अधिक समय बीतने के बाद भी विद्युत विभाग उन रास्तों से बिजली के खंभे, पोल व तार तक को नहीं हटा पाया है. जिन जगहों पर अतिक्रमण को तोड़ कर रास्ते की चौड़ाई तीन से दस फुट बढ़ायी गयी थी. अभी भी हड़ताली मोड़ से राजापुर पुल, उमा सिनेमा के पास वही स्थिति बनी हुई है. डीएम के बार-बार के निर्देशों के बावजूद पेसू इस पर ध्यान नहीं दे रहा है.
फायदे के बदले, खराब हो रही शहर की सूरत : प्रशासन ने सबसे पहले बोरिंग व बोरिंग कैनाल रोड में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया था. हड़ताली मोड़ से लेकर राजापुर पुल तक अतिक्रमण हटाया गया. इस दौरान दो दर्जन से अधिक लोगों की चहारदीवारी तोड़ी गयी थी. लेकिन, प्रशासन ने अब तक किनारे वाले बिजली व टेलीफोन खंभे को अब तक नहीं हटाया है. इस कारण इतनी सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ायी जा सकी.
प्रशासन ने उमा सिनेमा के पास पीरमुहानी चौराहे के पास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था, लेकिन आगे की योजना पर अब तक काम नहीं हुआ है.
बोरिंग रोड चौराहे में कई जगहों पर अंडरग्राउंड केबलिंग का काम पूरा हो गया है. फिर भी किनारे के तरफ जो भी पोल-खंभे बचे हैं, उनको देख कर हटा लिया जायेगा.
—दिलीप कुमार, जीएम, पेसू
