जिंदा मछलियों से रोक हटने का नहीं दिखा असर
पटना : नगर निगम इलाके में मछलियों की बिक्री अौर भंडारण पर लगी रोक के पांचवें दिन भी मछलियों की थोक मंडी बाजार समिति सहित राजधानी के प्रमुख मछली बाजारों में शनिवार को भी सन्नाटा पसरा रहा. अलबत्ता कहीं-कहीं इक्का-दुक्का दुकानें सुबह में खुलीं. थोक मंडी में मछलियां नहीं हैं. वैसे सरकार ने दो दिन पहले जिंदा मछलियों पर से रोक हटा ली. बावजूद जिंदा मछलियां नहीं पहुंची हैं. विक्रेताओं का कहना है कि जब तक आंध्र से आने वाली मछलियों पर से रोक नहीं हटेगी, तब तक भी मछलियां नहीं बेचेंगे. चाहे कर्ज लेकर घर क्यों नहीं चलाना पड़े.
प्रभात खबर ने आज शहर के विभिन्न मछली बाजारों का जायजा लिया. गंगा और पुनपुन नदी किनारे वाले इलाके में एक-दो जगह पर सुबह में दुकानें लगीं. राजापुर पुल, लोदीपुर, कुर्जी, चिरैयाटांड़, बांस घाट, दीघा, सिपारा, हड़ताली मोड़ मछली बाजार के बाहर दुकानें खुली दिखीं. यहां लोकल मछलियां जैसे रीठा, गैंची, सिंघी, बचवा, टेंगड़ा, रेहू बिकीं, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में डेढ़ गुनी कीमत पर बिकीं.
क्या कहते हैं विक्रेता
जब तक सभी मछलियों से रोक नहीं हटेगी, तब तक दुकानें बंद रहेंगी. केवल जिंदा मछली से पेट नहीं भरेगा. सरकार कहां से जिंदा मछली मुहैया करायेगी, समझ में नहीं आता.
पप्पू कुमार साहनी, मछली विक्रेता
सरकार को जल्द रोक हटानी चाहिए. हजारों परिवार आर्थिक संकट में आ गये हैं. पुश्तैनी काम छोड़ने के बाद हमलोग क्या करेंगे.
उमा देवी, मछली विक्रेता
…तो 22 से आमरण अनशन : मुकेश सहनी
पटना : इंसान विकासशील पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन आफ मल्लाह मुकेश सहनी ने नीतीश सरकार को मछुआरा विरोधी बताया है. मछली की बिक्री बंद करने का सरकार का फैसला तुगलकी है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार 21 जनवरी तक प्रतिबंध वापस नहीं लेगी तो 22 जनवरी से गर्दनीबाग धरनास्थल पर आमरण अनशन शुरू होगा.
