हर गांव से दो समस्याओं को चिह्नित कर उनका निराकरण करना था
अमित कुमार
पटना : पटना विश्वविद्यालय ने पांच गांवों को गोद लिया था और इसकी घोषणा कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह के द्वारा शताब्दी वर्ष स्थापना दिवस समापन पर भी की गयी थी. लेकिन अब तक इस दिशा में विवि की ओर से कुछ भी नहीं किया गया है.
इन गांवों में मुख्य रूप से दानापुर के जमसौत पंचायत का ढ़िबरा गांव, मनेर के खासपुर पंचायत के चितनावन, पटना सदर के मरचि के ढौलपुरा, फुलवारी के चिलबिल्ली पंचायत के सैम चक तथा संपतचक के चइपुरा पंचायत के बहुवरा गांव शामिल है.
मिली जानकारी के अनुसार गांव की दो समस्याओं को चिह्नित करना था और उनके निराकरण करना था लेकिन यह अब तक नहीं हो सका है. यहां तक कि इस दिशा में अब तक कोई अभियान शुरू नहीं किया गया है. विवि के छात्रों को भी उक्त अभियान में शामिल किया जाना था और उन्हें जागरूकता अभियान में शामिल होना था.
विवि द्वारा सभी पीजी विभागों को भेजा गया था लेटर : इसको लेकर विवि के द्वारा सभी पीजी विभागों को भी लेटर भेजा गया था. इसके काॅर्डिनेशन का काम एनएसएस को दिया गया था लेकिन अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है.
मिली जानकारी के अनुसार पहले इलेक्शन और उसके बाद परीक्षाओं में व्यस्तता की वजह से यह नहीं हो पा रहा है. यह काम करने पर पीजी के छात्रों को सीबीसीएस के तहत प्वाइंट भी मिलने हैं. लेकिन इसको लेकर छात्रों में भी जागरुकता कम ही है.
पीजी की परीक्षाएं समाप्त होते ही शुरू होगा काम
पहले इलेक्शन व बाद में पीजी की परीक्षाओं की वजह से यह कार्य नहीं शुरू किया जा सका है. पीजी की परीक्षाएं समाप्त होते ही इस दिशा में काम शुरू किया जायेगा. इसमें पीजी के छात्रों को कई ग्रुप्स में बांटकर इन गांवों में भेजा जायेगा और वहां की समस्याओं में से दो मुख्य समस्याओं पर काम किया जायेगा. उनके निराकरण के लिए काम किया जायेगा व सरकार को भी रिपोर्ट सौंपी जायेगी.
प्रो अतुल आदित्य पांडे, को-ऑर्डिनेटर एनएसएस, पीयू
