बिक्रम : राजधानी से महज तीस किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय से महज चार किलोमीटर पर स्थित गोरखरी का पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन हुए चार माह हो गये, किंतु जमीनी स्तर पर किसी तरह की आमजनों को सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है.
जब प्रभात खबर की टीम मिल्की गांव होते हुए पंचायत सरकार भवन में पगडंडियों के सहारे बारह बजे दिन में पहुंची तो देखा कि पंचायत सरकार भवन में न बिजली की व्यवस्था है और न ही इंटरनेट के लिए किसी तरह की कनेक्टिविटी का टेलीफोन लाइन भी मौजूद नहीं था. पंचायत सरकार भवन के पहुंच पथ पर किसी तरह का चरपहिया वाहन पहुंचना दुर्लभ है.
जब प्रभात खबर का प्रतिनिधि वहां पहुंचा तो भवन के भीतर साफ-सफाई व झाड़पोछ का काम जारी था. भवन के कई रूम के खिड़की के शीशे टूटे हुए थे. कहीं-कहीं भवन का ग्रिल व जाली भी असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दी गयी थी. पंचायत सरकार भवन में बड़े-बड़े जंगल झाड़ उगे हुए हैं. चहरदीवारी न होने से भवन भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से असुरक्षित है. पंचायत सरकार भवन गांव से दूर बधार में बना है.
इस कारण दिन में आना-जाना भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से ठीक नहीं है. पास में ही आरटीपीएस कर्मी विकास रोशन ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व हमें आरटीपीएस काउंटर संभालने के लिए जिला मुख्यालय से भेजा गया है. सब व्यवस्था सुचारु होने पर ही सर्विस दी जायेगी. फिलहाल यहां बिजली, जेनेरेटर एवं इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है. वरीय अधिकारी को इसकी सूचना दी जा चुकी है. बिजली मेकैनिक अर्जुन कुमार ने बताया कि 28 पोल पर तार लग गया है. सात पोल अभी बाकी है. जल्द ही तार के सहारे यहां विद्युत आपूर्ति कर दी जायेगी.
रोजगार सेवक, इंदिरा आवास सहायक, विकास समिति, राजस्व कर्मचारी, कृषि सलाहकार, आरटीपीएस कर्मी सहित मुखिया व सरपंच सहित वार्ड सदस्य पंचायत सरकार भवन में बैठेंगे. अभी फिलहाल बिजली की व्यवस्था को लेकर काम शुरू है.
विजय कुमार, पंचायत सचिव
