पटना : अब देश में पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थी अब कमजोर प्रदर्शन के बाद भी प्रमोट नहीं होंगे. वे अब फेल भी हो सकते हैं. भारत सरकार के गजट राजपत्र में प्रकाशित राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन (संशोधन ) एक्ट-2019 के मुताबिक केंद्रीय और राज्यों के बोर्डों के तहत अगर पांचवीं और आठवीं के विद्यार्थी नियमित वार्षिक परीक्षा में फेल हो जाते हैं तो उन्हें पास होने के लिए एक अवसर और दिया जायेगा.
वार्षिक परीक्षा के दो माह बाद ही एक अन्य परीक्षा में विद्यार्थी का पास होना अनिवार्य होगा. अगर उस परीक्षा में भी वह फेल हो जाता है तो उसे उसी कक्षा में पढ़ना होगा. यह संशोधन 2019-20 के शैक्षणिक सत्र से प्रभावी होगा.
