संगत ने बनाया अपराधी, सही रहता तो बन जाता सिपाही

पटना : मौज-मस्ती की जिंदगी जीने के लिए गलत संगत में पड़ जाना, आज के युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है. कम समय में काफी पैसे बनाने के लिए नशा के साथ ही अपराध की ओर कदम बढ़ा दे रहे हैं. खास बात यह है कि उन्हें इसकी भी फिक्र नहीं की कि उनके […]

पटना : मौज-मस्ती की जिंदगी जीने के लिए गलत संगत में पड़ जाना, आज के युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है. कम समय में काफी पैसे बनाने के लिए नशा के साथ ही अपराध की ओर कदम बढ़ा दे रहे हैं.
खास बात यह है कि उन्हें इसकी भी फिक्र नहीं की कि उनके गलत कामों से परिवार पर क्या असर पड़ेगा? वे बस हमेशा अपनी ही धुन में रहना चाहते हैं. पटना पुलिस लाइन में रहने वाला एक युवक नशे का आदी हो गया और गलत संगत में पड़ कर अपराध करने लगा.
जबकि, उसकी नौकरी अनुकंपा पर बाल आरक्षी में हो जाती. उसके पिता पटना पुलिस में हवलदार थे और असमय उनकी मौत हो गयी. उनकी मौत के बाद मां को पेंशन मिलने लगी और लड़के के बाल आरक्षी की नौकरी के लिए प्रक्रिया होने लगी. लेकिन, इसी बीच वह नशे का शिकार हो गया.
आज परिवार ही इसका सबसे बड़ा दुश्मन है
इसी बीच अपराध करते हुए कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. नाबालिग होने के कारण उसे रिमांड होम भेज दिया गया. जब वहां से छूट कर आया तो परिजनों ने काफी समझाने की कोशिश की. लेकिन, टोकने पर उसने परिजनों से ही मारपीट शुरू कर दी. इसके बाद भी वह नहीं रुका और फिर एक केस में पकड़ा गया और जेल चला गया.
उसकी मां व अन्य परिजनों को आशा थी कि वह सुधर जाये. उसे कोई भी समझाता तो उससे भिड़ जाता. हाल में ही वह नशे की हालत में तेज गति से गाड़ी चलाते हुए धक्का मार दिया था और फिर से पुलिस ने पकड़ लिया था. इसने अपने आपको सुधारने की कोशिश नहीं की, बल्कि आज परिवार ही इसका सबसे बड़ा दुश्मन है.

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