पीपीयू में सिंडिकेट की बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय
पटना : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के पीजी विभाग तीन अलग-अलग कॉलेजों में चलेंगे. विवि के सिंडिकेट की बैठक में बुधवार को यह निर्णय लिया गया. भौतिकी, रसायन, मनोविज्ञान व भूगोल की पढ़ाई एएन कॉलेज में होगी.
टीपीएस कॉलेज में वनस्पति शास्त्र व प्राणी विज्ञान तथा काॅलेज आॅफ काॅमर्स आर्ट्स एवं साइंस में हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, अर्थशास्त्र, वाणिज्य व गणित की पढ़ाई होगी. इसके अलावे स्नातकोत्तर केंद्रों पर कॉलेज में जो नामांकन हुए हैं, वहां भी पढ़ाई चलती रहेगी. 2018-19 में पीजी की पढ़ाई इन निर्धारित कॉलेजों में ही होगी.
पीजी विभागों में पद स्वीकृति पर विचार : पीजी में पद स्वीकृति पर विचार करते हुए सदस्यों ने कहा कि पूर्व में जो पीजी की पढ़ाई के लिए एक, दो और चार के अनुपात में निर्णय लिये गये थे और इसके लिए सरकार को अलग से उस पर होने वाले बजट के प्रावधानों को भी अवगत कराया गया था, उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.
शैक्षणिक परिषद में प्री-पीएचडी परीक्षा से संबंधित जो निर्णय लिये गये थे, उन्हें स्वीकृति प्रदान की गयी. पूर्व में जो बच्चे अन्य विश्वविद्यालयों से प्री-पीएचडी की परीक्षा पास कर चुके हैं और छह महीने का कोर्स वर्क भी कर चुके हैं, उन्हें पंजीकरण में प्राथमिकता मिलेगी. सिंडिकेट ने यह भी निर्णय लिया कि भविष्य में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में प्री-पीएचडी की जो परीक्षा होगी, उससे संबंधित पूरी प्रक्रिया तय करने के लिए आगामी पीजीआरसी की बैठक में इसे रखा जायेगा.
गेस्ट फैकल्टी का साक्षात्कार इसी महीने : गेस्ट फैकल्टी के बारे में सिंडिकेट ने इसी माह के अंत तक साक्षात्कार कराने की स्वीकृति प्रदान कर दी, जिसमें राज्य सरकार, राजभवन व यूजीसी के नियमों-परिनियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया.
भूमि स्थानांतरण व भवन के लिए होगा प्रयास तेज : राज्य सरकार ने विवि को 8.05 एकड़ जमीन मुहैया करायी है. इसके अंतिम रूप से हस्तांतरण करने के लिए सिंडिकेट में विचार किया गया व इसे निकट भविष्य में पूरा कर लेने का संकल्प लिया गया. सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि भूमि अधिग्रहण के तुरंत बाद विशेषज्ञ से डीपीआर तैयार करवा सरकार को भेजें, ताकि, शीघ्र भवन का निर्माण हो.
पटना : पटना विश्वविद्यालय में सिंडिकेट की बैठक हुई. बैठक में विवि के विभिन्न तकनीकी कार्यों के लिए तीन सौ कर्मियों व अधिकारियों के पद सृजन को स्वीकृति मिल गयी. उसे एप्रुवल के लिए राजभवन भेजा जायेगा. स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन प्रो एनके झा ने बताया कि पिछले 50 वर्षों में विवि में कोई भी पद सृजित नहीं हुआ था.
कई तकनीशियनों, कंप्यूटर ऑपरेटर, कुलपति के पर्सनल सेक्रेटरी समेत कई तरह के पद विवि में थे ही नहीं. वर्तमान में कांट्रैक्ट या एडहॉक पर बहाल कर्मियों से काम लिया जा रहा है. इसके अतिरिक्त मास्टर ऑफ सोशल वर्क व वीमेंस स्टडीज विभाग को स्वीकृति प्रदान की गयी. उसे राजभवन भेजा जायेगा. पहले भी कई विभागों को राजभवन स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है. लेकिन इन दो विभागों को स्वीकृति नहीं मिली थी.
