पटना : राज्य में लोगों की सुविधा के लिए ऑनलाइन म्यूटेशन की प्रक्रिया शुरू हुई. लेकिन, जमाबंदी पंजी के अपडेट नहीं रहने से ऑनलाइन म्यूटेशन से संबंधित मामले के निबटान में परेशानी हो रही है. जमाबंदी पंजी में जमीन से संबंधित सूचना जमीन बिक्रेता के नाम से जमाबंदी कायम नहीं होने, खेसरा, रकबा स्पष्ट नहीं रहने, मृत व्यक्तियों के नाम पर जमाबंदी कायम रहने सहित अन्य वांछित सूचना दर्ज नहीं होने से मामले का निबटारा निर्धारित अवधि में नहीं हो पा रहा है.
दाखिल-खारिज के लिए जमा होने वाले आवेदनों में गड़बड़ियों सहित अन्य कारणों से बहुत मामले लंबित हैं. अॉनलाइन म्यूटेशन के लिए जमा होने वाले आवेदन में अब भी दो लाख आवेदन का निबटारा लंबित हैं. समीक्षा में जानकारी मिली है कि 46 अंचलों में अधिकतर मामले में हल्का कर्मचारी द्वारा जांच प्रतिवेदन कंप्यूटर में दर्ज नहीं किये गये हैं.
राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने जमाबंदी पंजियों में सुधार के निर्देश सभी डीएम को दिये हैं. इसमें कंप्यूटरीकृत जमाबंदियों का शत-प्रतिशत सत्यापन हल्का कर्मचारियों का करना है.
कंप्यूटराइजेशन के क्रम में किसी तरह की गलत प्रविष्टि होने पर संशोधन के लिए कार्रवाई होगी. जमाबंदी पंजी में अनुपलब्ध जरूरी सूचनाओं का संग्रहण अंचल कार्यालय में उपलब्ध राजस्व पंजी, अभिलेखों तथा रैयतों से प्राप्त सूचना के आधार पर करना है. उसका सत्यापन करा कर जमाबंदी में दर्ज करना है.
उत्तराधिकार नामांतरण के मामले को विशेष तौर पर चिह्नित करते हुए उनके निष्पादन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी है. मृत व्यक्तियों का नाम जमाबंदी पंजी से हटाना है. जमाबंदी पंजी अपडेट करने में रैयत की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर सभा आयोजित कर कार्रवाई करनी है.
