पटना : बेनामी एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती का पहला मामला बिहार में अरशद अहमद के खिलाफ सामने आया है. अरशद अहमद पूर्व एमएलसी अनवर अहमद का बेटा और पिता के अवामी सहकारिता बैंक में सचिव भी है.
बेनामी एक्ट के अंतर्गत सभी मामलों की सुनवाई के लिए नयी दिल्ली में गठित एडजुकेटिंग ऑथिरिटी (अधिनिर्णायक ऑथिरिटी) ने इस मामले में फैसला सुना दिया है. अब आयकर विभाग इनके 24 बैंक खातों में जमा 40 लाख से ज्यादा की अचल के अलावा अन्य कई संपत्ति भी जब्त करेगा. इसके बाद अब अगर कोर्ट से अंतिम स्तर का निर्णय आ जाता है, तो उन्हें सात साल तक की सजा भी हो सकती है.
साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव लड़ने पर जीवन भर के लिए प्रतिबंध लग सकता है. फिलहाल ऑथिरिटी का फैसला आने के बाद इनकी बेनामी संपत्ति जब्त होना तय है. नोटबंदी के बाद मजदूरों के नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उनके खाते में दो से तीन लाख रुपये जमा करवा दिये थे. इस मामले को लेकर आयकर विभाग ने जनवरी, 2017 में अावामी सहकारिता बैंक समेत अरशद अनवर के सभी चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी.
इस दौरान बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा से संबंधित दस्तावेज जब्त किये गये थे. इसके बाद मई, 2018 में सीबीआई ने भी इस मामले में एफआईआर दर्ज करके छापेमारी भी की थी. वर्तमान अनवर अहमद और बेटा अरशद अहमद दोनों सीबीआई की अदालत से जमानत पर रिहा हैं.
सभी मजदूरों और कर्मियों ने दी गवाही
जिन मजदूरों के नाम पर फर्जी एकाउंट खोलकर पैसा जमा किये गये थे. उन सभी मजदूरों ने अरशद अहमद के खिलाफ जाकर गवाही दी थी. गवाही देने वालों में उनके बैंक के कुछ कर्मी भी शामिल हैं, जिन्होंने फर्जीवाड़ा की बात मानी थी. गवाह बने कर्मियों को अवामी सहकारिता बैंक प्रशासन के स्तर से काफी परेशान भी किया गया था. इसकी शिकायत भी स्थानीय स्तर पर कर्मियों ने की थी. गवाहों के अलावा आयकर विभाग की सख्त पूछताछ में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की बात उजागर हुई थी.
राबड़ी देवी और बेटी हेमा यादव के मामले की चल रही सुनवाई
फिलहाल एडजुकेटिंग ऑथिरिटी में राबड़ी देवी और बेटी हेमा यादव के खिलाफ बेनामी संपत्ति के मामले की सुनवाई चल रही है. इसका फैसला भी जल्द आने की संभावना है. दूसरी तरफ आवामी सहकारिता बैंक के इस फर्जीवाड़ा की जांच सीबीआइ भी कर रही है. इस मामले में पूर्व सीएम राबड़ी देवी का भी नाम आया था. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने करीब एक करोड़ रुपये उन्हें व्हाइट करने के लिए दिया था. सीबीआइ ने राबड़ी देवी से घंटों पूछताछ भी की थी. फिलहाल सीबीआइ इस मामले की जांच कर रही है.
