पटना : बंगला विवाद के बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा है कि नियमों को ताक पर रखकर कई पूर्व मंत्रियों का अब भी सरकारी बंगले पर कब्जा है. नैतिकता की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री को यह सब दिखायी नहीं देता है.
पांच सर्कुलर रोड को खाली करने के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वे इस मामले की अपील सुप्रीम कोर्ट में करेंगे. यादव अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे. यादव ने कहा कि उन्हें उनके मंत्रित्व काल में आवंटित आवास से बेदखल करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं. जबकि, सुशील कुमार मोदी नेता विरोधी दल रहते अपने उपमुख्यमंत्रित्व काल में आवंटित आवास एक पोलो रोड का ही उपयोग किया.
इसी तरह नंदकिशोर यादव और प्रेम कुमार ने भी नेता विरोधी दल के कार्यकाल में अपने मंत्रित्वकाल में आवंटित आवास में ही रहे. उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री लेसी सिंह, अशोक कुमार चौधरी, नरेंद्र नारायण यादव, रंजू गीता मंत्री स्तर आवास में रह रही हैं, जो नियम के खिलाफ है. इसी तरह जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, सांसद आरसीपी सिंह सहित संजय सिंह और संजय झा कैसे मंत्री स्तर के बंगले में रह रहे है. पांच देशरत्न मार्ग इ श्रेणी का आवास है.
परंपरा के अनुसार उन्होंने कई बार इस आवास को आवंटित करने का अनुरोध किया, लेकिन अनसुना कर दिया गया. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि हाइकोर्ट द्वारा स्वयं संज्ञान लेने के बाद आनन-फानन में सात सर्कुलर रोड को मुख्य सचिव के नाम से अलाॅट किया गया.
‘तेजस्वी का बंगला गरीब का है क्यों खाली करेंगे’
पटना : तेज प्रताप यादव ने कहा है कि यह बंगला जनता का है. वो गरीब-गुरबा का बंगला है. इसलिए तेजस्वी क्यों बंगला खाली करेंगे? उन्होंने कहा है कि वे जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्या का निदान कर रहे हैं. यह काम सरकार काे करना चाहिए था, लेकिन सरकार खत्म हो गयी है. उन्होंने कहा कि आरएसएस को खत्म करना है, इसलिए डीएसएस की स्थापना की है.
