इस महीने के अंत तक सर्वेक्षण को पटना आ सकती है केंद्रीय टीम
पटना : केंद्र सरकार की शहरी मंत्रालय की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. संभावना है कि इस माह तक केंद्रीय टीम स्थल निरीक्षण को राजधानी आ सकती है. स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना की रैंकिंग बेहतर हो सके, इसको लेकर निगम प्रशासन ने अपने स्तर से सभी तैयारियां शुरू कर दी है. लेकिन, इसमें शहरवासियों का सहयोग भीजरूरी होगा. पिछले तीन सालों के स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना का प्रदर्शन बहुत पिछड़ा रहा है.
नागरिक फीडबैक व संतुष्टि है चुनौती : शहरवासियों को सफाई व जलजमाव आदि समस्याओं से संबंधित शिकायत दर्ज करने को लेकर निगम ने सिटी ऑफ पटना मोबाइल एप लांच किया है. इसको स्वच्छता एप से भी लिंक किया गया है.
लेकिन, 16 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में सिर्फ 1500 लोगों ने ही एप को डाउनलोड किया है. इसमें 450 लोगों ने ही शिकायत दर्ज की है. हालांकि, निगम प्रशासन के लिए चुनौती है कि अधिक-से-अधिक लोग एप को डाउनलोड करने के साथ-साथ शिकायतें दर्ज करें. लेकिन, निगम सार्थक प्रयास नहीं कर रहा है. जबकि, इस बिंदु पर 1250 अंक निर्धारित है
निगम की ओर से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा हैं. वहीं, मोहल्ले के कूड़ा प्वाइंटों से कचरा का उठाव किया जा रहा है. लेकिन, कचरा उठाव होने के बाद भी लोग कचरा फेंक देते हैं. इससे दिन भर कूड़ा प्वाइंटों पर कचरा दिखता है. वहीं, सड़क किनारे वाॅल पेंटिंग हो रही हैं. ताकि, लोग गंदगी नहीं फैलाये. लेकिन, पेंटिंग को भी गंदा किया जा रहा है. स्वच्छता सर्वेक्षण के नोडल पदाधिकारी विशाल आनंद ने बताया कि कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और निर्धारित समय से शिकायतों का निष्पादन किया जा रहा है. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नये-नये कार्य किये गये हैं. इन सब के बावजूद शहरवासियों को भी सहयोग करना होगा,
