अथमलगोला : धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसान निराश

अथमलगोला : प्रखंड के किसानों के बीच धान क्रय केंद्र नहीं खुलने को लेकर नाराजगी देखा जा रही है. किसानों का अनाज आज भी खलिहान में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है. हालात यह है कि किसान किसी भी प्रकार का अपना कोई अनुष्ठान करने की सोच भी नहीं रहे हैं क्योंकि उनके पास […]

अथमलगोला : प्रखंड के किसानों के बीच धान क्रय केंद्र नहीं खुलने को लेकर नाराजगी देखा जा रही है. किसानों का अनाज आज भी खलिहान में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है.
हालात यह है कि किसान किसी भी प्रकार का अपना कोई अनुष्ठान करने की सोच भी नहीं रहे हैं क्योंकि उनके पास पैसे का एकमात्र माध्यम उत्पादित धान की बिक्री ही है. इसके चलते किसानों में सरकार की नीतियों के खिलाफ बेहद आक्रोश और नाराजगी है. वहीं, बहादुरपुर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष सुभाष प्रसाद सिंह का कहना है कि सरकार ने ब्लॉक स्तर पर जो लक्ष्य निर्धारित किया है वह काफी कम है.
उस्मानपुर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष मंती देवी का कहना है कि सरकार ने घोषणा तो कर दी है, लेकिन पैक्स के माध्यम से एक भी दाना अनाज अभी तक नहीं खरीदे जाने के चलते किसान परेशान हैं, जबकि रामनगर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष दिनेश प्रसाद सिंह का कहना है कि सरकार पैक्स अध्यक्षों को बहुत कम मात्रा में ऋण उपलब्ध कराना चाहती है, जिससे किसान के अनाज खरीद तो लिये जायेंगे, लेकिन उन्हें समय भुगतान नहीं हो पाने पर किसान का आक्रोश उन्हें झेलना पड़ेगा. इसके चलते पैक्स अध्यक्ष अभी तक अपने क्षेत्र में धान नहीं खरीद पा रहे हैं.
सरकार ने पिछले साल जो धान खरीद का लक्ष्य रखा था वह भी इस बार नहीं रखा है, जबकि टाल इलाके के किसान अपने मेहनत के बल पर बेहतर धान फसल उपजाने का काम किया है. सरकार यदि समय पर पैक्स अध्यक्षों को ऋण उपलब्ध नहीं कराया तो धान का क्रय होना मुश्किल हो जायेगा. वैसे भी धान क्रय केंद्र खोलने में लेट हो चुका है.
सरकार के द्वारा गत 15 नवंबर से ही धान अधिप्राप्ति की घोषणा कर दी गयी थी, लेकिन आज तक बाढ़ अनुमंडल मुख्यालय और प्रखंड कार्यालय अथमलगोला में धान अधिग्रहण करने के लिए पैक्स अध्यक्षों के साथ न तो कोई बैठक हुई है और न ही जिला कार्यालय से कोई दिशा-निर्देश मिल रहा है.
इसके चलते पैक्स अध्यक्ष खुद परेशान हैं. पैक्स अध्यक्ष सुभाष प्रसाद सिंह का कहना है कि बीसीओ के द्वारा अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है और न ही मिलर के साथ टैंगिंग की गयी है. पैक्स अध्यक्ष के साथ दूसरी समस्या यह भी है कि किसानों के पास बड़ी मात्रा में धान की उपज है, पर पैक्स अध्यक्ष के पास खरीदने के लिए बहुत कम राशि की क्रेडिट कार्ड प्राप्त है.
यदि धान क्रय केंद्र खुला, तो इलाके के सारे किसान एक साथ आपाधापी करने लगेंगे. कुछ किसानों के धान खरीदने में ही यह सारी राशि खत्म हो जायेगी. वहीं, पैक्स अध्यक्षों के साथ और भी समस्या खड़ी हो जायेगी.

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