पटना : छह साल बाद भी निर्माण अधूरा, भटक रहे परिवार

मामला निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी ग्रीन्स प्रोजेक्ट का पटना : पटना शहर में छोटे से आशियाने के लिए जिंदगी की तमाम जमा पूंजी लगा देने वाले करीब 250 परिवार करीब छह साल से बिल्डर के चक्कर काट रहे हैं. इन परिवारों ने मार्च 2013 में ही बाइपास पर स्थित जगनपुरा से लगभग 3.5 किमी दूर भोगीपुर […]

मामला निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी ग्रीन्स प्रोजेक्ट का
पटना : पटना शहर में छोटे से आशियाने के लिए जिंदगी की तमाम जमा पूंजी लगा देने वाले करीब 250 परिवार करीब छह साल से बिल्डर के चक्कर काट रहे हैं.
इन परिवारों ने मार्च 2013 में ही बाइपास पर स्थित जगनपुरा से लगभग 3.5 किमी दूर भोगीपुर एकतापुरम के छत्रपति शिवाजी ग्रीन्स हाउसिंग प्रोजेक्ट में बैंक से कर्ज लेकर निवेश किया. लेकिन, 69 महीने बाद भी किसी के गृह प्रवेश का सपना पूरा नहीं हो सका है. बिल्डर रूक्मणि बिल्डटेक की मनमानी से नाराज आवंटियों ने अब बिहार रेरा से न्याय की गुहार लगायी है.मई 2016 में ही पूरा होना था प्रोजेक्ट : प्रोजेक्ट के चार ब्लॉक सी, डी, ई और एफ लगभग तैयार हैं.
लेकिन, सीवर लाइन, पार्किंग, ड्राइव वे सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं होने से इनको हैंडओवर नहीं किया जा रहा. ब्लॉक संख्या ए और बी ब्लॉक में अंतिम फ्लोर के ढ़लाई का काम बाकी है, जबकि जी ब्लॉक का सिर्फ ग्राउंड फ्लोर ही बना है.
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 458 फ्लैट और छह दुकानों का निर्माण किया जाना है. प्रोजेक्ट में टू बीचके के 214, थ्री बीचके के 170 और फोर बीचके के 72 अपार्टमेंट होंगे.
आवंटियों का पक्ष
ए श्रीनिवास (सी 406) : फ्लैटियर्स के एक समूह से बातचीत में एमडी अजीत आनंद ने ब्लॉक सी,डी,ई,एफ दिसंबर 2018 में सुपुर्द करने का आश्वासन दिया था, मगर अभी स्थिति जस की तस है.
रंजीत राय (सी 102) : अब अगर फ्लैट नहीं मिला तो बिल्डर को जमा पैसा 24 फीसदी क्षतिपूर्ति ब्याज के साथ वापस लौटाना होगा.
विनय कुमार (इ 205) : अपनी गाढ़ी कमाई इस प्रोजेक्ट में झोंक दी. छह साल बाद भी बैंक को सूद और इंस्टॉलमेंट चुका रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
कुछ परेशानियों की वजह से हम लोग समय पर फ्लैट हैंडओवर नहीं कर पाये. इस माह हम लोग एक-दो ब्लॉक के आवंटियों को फ्लैट उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे.
मानव, निदेशक, रूक्मणि बिल्डटेक
कुछ आवंटियों ने इस प्रोजेक्ट को लेकर रेरा में शिकायत दर्ज करायी है. अनियमितता की शिकायत है. मामले की सुनवाई की जा रही है. जल्द ही निर्णय होगा.
आरबी सहाय, सदस्य, रेरा

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