12 को होगी निगरानी के साथ बैठक
पटना : फर्जी डिग्रियों के बल पर शिक्षक बनने वालों पर शिकंजा कसने को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गयी है. जांच पूरी करने को लेकर निगरानी के साथ विभागीय अधिकारियों की बैठक होगी. इसके लिए 12 जनवरी की तिथि तय की गयी है. फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जल्दी से जल्दी रिपोर्ट लगाकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.
बता दें कि पहले ही जांच से घबराकर डेढ़ हजार से अधिक शिक्षकों ने इस्तीफा दे दिया है. पिछले साल शिक्षा विभाग ने ही ऐसे शिक्षकों को मौका दिया था कि फर्जी डिग्री लगाने वाले अपने-आप इस्तीफा दे दें. अब तय है कि फर्जी सर्टिफिकेट रखने वाले जो शिक्षक तय अवधि में इस्तीफा नहीं दिये हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
एफआईआर भी दर्ज करायी जायेगी. उनकी सेवाएं समाप्त हो होगी ही. साथ ही, सरकार की ओर से दिया गया वेतन व अन्य भत्तों की भी वसूली की जायेगी. सूत्र बताते हैं कि 60 फीसदी मामलों की जांच हो चुकी है. शेष को तेजी से निबटाने के लिए बैठक 12 जनवरी को बुलायी गयी है. इसमें निगरानी के भी अधिकारी शामिल रहेंगे.
3.5 लाख से अधिक शिक्षक
बता दें कि बिहार में साढ़े तीन लाख से ज्यादा प्राथमिक शिक्षक हैं. जनहित याचिका में बहुत सारे लोगों पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया लगा था. राज्य सरकार पहले ही सतर्कता विभाग को शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच करने का निर्देश दे चुकी है. सतर्कता विभाग ने आठक था.
राज्य सरकार पहले ही सतर्कता विभाग को शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच करने का निर्देश दे चुकी है. सतर्कता विभाग ने आठ डीएसपी और 38 निरीक्षक को इस काम में लगाया है.
