पटना : 100 में 10 मरीज अस्थमा की चपेट में

पटना : पटना सहित प्रदेश में अस्थमा के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. डॉक्टरों की प्रैक्टिस से प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो हर 100 में 10 मरीज ऐसे हैं, जो अस्थमा की चपेट में हैं. जो हमारे लिए चुनौती है. जबकि, अपने देश में यह संख्या करीब साढ़े तीन करोड़ […]

पटना : पटना सहित प्रदेश में अस्थमा के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. डॉक्टरों की प्रैक्टिस से प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो हर 100 में 10 मरीज ऐसे हैं, जो अस्थमा की चपेट में हैं. जो हमारे लिए चुनौती है.
जबकि, अपने देश में यह संख्या करीब साढ़े तीन करोड़ से अधिक है. इसमें अकेले बिहार में 5 प्रतिशत मरीज है. यह कहना है पीएमसीएच चेस्ट विभाग के हेड डॉ अशोक शंकर सिंह का. एक होटल में अस्थमा व दमा रोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम के मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ एसके मधुकर ने कहा कि सांस संबंधी व अस्थमा रोग में दवा की अपेक्षा इनहेलर अधिक फायदेमंद है. क्योंकि, दवा की तुलना में इनहेलर परेशानी से जल्द निजात दिलाता है.
बिहार में बढ़ते अस्थमा के मरीजों की संख्या को देखते हुए जागरूकता वाहन रवाना किया गया. डॉ अशोक शंकर सिंह ने कहा कि बेरोक जिंदगी यात्रा नाम से रवाना हुई यह वाहन बिहार में दवा और इनहेलर को लेकर मरीज व आम लोगों को जागरूक करेगी. साथ ही दमा रोग से बचाव और बढ़ते प्रदूषण में कैसे अपने को स्वस्थ रखें आदि के बारे में लोगों को जागरूक किया जायेगा. इसमें सांस संबंधी एक्सपर्ट मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम के मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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