पटना : सूबे में पिछले तीन साल में ईपीएफओ के 1,26,401 सदस्य और 5331 नियोक्ता बढ़े हैं. यह अपने आप में एक रिकार्ड है. अधिकारी इसके लिए बदले कारोबारी माहौल को वजह बता रहे हैं.
इपीएफ ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार पटना क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन 2016 में सदस्यों की संख्या 3,22,937 थी, जो 2017 में बढ़ कर 4,34,326 हो गयी. 2018 में सदस्यों की संख्या 429794 हो गयी. इस तरह 2016 और 2018 के बीच सदस्यों की संख्या बढ़कर1,06,859 हो गयी.
इसी तरह मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय कार्यालय में पिछले तीन साल में सदस्यों की संख्या में 5999 का इजाफा हुआ. वहीं भागलपुर में 2016-2018 के बीच 13545 नये सदस्य जुड़े. जहां तक नियोक्ताओं का सवाल हैं तो इसमें भी अच्छा इजाफा देखने कोमिला है.
एक नजर में नियोक्ता
पटना 2016 6574
2017 7586
2018 8632
मुजफ्फरपुर 2016 2605
2017 3064
2018 4849
भागलपुर 2016 2376
2017 2728
2018 3405
सदस्यों की संख्या
पटना 2016 322937
2017 434326
2018 429794
मुजफ्फरपुर 2016 48580
2017 53185
2018 54579
भागलपुर 2016 36245
2017 43124
2018 49790
तीन वर्षों में बिहार के अंदर नियोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिससे इपीएफओं सदस्यों की संख्या में उम्मीद से अधिक बढ़ोतरी हुई हैं. इसका श्रेय बिहार में विकास कार्य और बदले कारोबारी माहौल को जाता है.
एसके झा, क्षेत्रीय आयुक्त (बिहार-झारखंड), ईपीएफओ
