निजी आइटीआइ की मान्यता बिहार भी करेगा रद्द

पटना : निजी आइटीआइ पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार को एक बड़ा अधिकार मिल गया है. अब राज्य सरकार मानक पूरा नहीं करने वाले और सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले निजी आइटीआइ की मान्यता रद्द कर सकती है. भारत सरकार ने यह अधिकार दे दिया है. श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार […]

पटना : निजी आइटीआइ पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार को एक बड़ा अधिकार मिल गया है. अब राज्य सरकार मानक पूरा नहीं करने वाले और सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले निजी आइटीआइ की मान्यता रद्द कर सकती है. भारत सरकार ने यह अधिकार दे दिया है. श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा काफी समय से इसके लिए प्रयास कर रहे थे. राज्य में 1100 से अधिक निजी आइटीआइ हैं
सरकारी आदेशों का अनुपालन करने वाले नहीं हों भयभीत
श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि निजी आइटीआइ पर नकेल कसने के लिए राज्य को एक बड़ा अधिकार मिल गया है.
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रलय द्वारा अब राज्य सरकार को यह अधिकार दे दिया गया है कि वैसे निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जो प्रशिक्षण निदेशालय, भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन नहीं करते हैं उनके विरुद्ध विधिसम्मत आवश्यक कार्रवाई सहित मान्यता रद्द करने की कार्रवाई राज्य के संबंधित निदेशालय द्वारा की जा सकती है.
मंत्री ने आश्वस्त किया है कि जो संस्थान मानक के हिसाब से संचालित हैं और सरकारी आदेशों की तत्परता से अनुपालन करते हैं, उन्हें भयभीत होने की जरूरत नहीं है. मालूम हो कि पिछले साल कई निजी आटीआइ में नामांकन में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर मंत्री द्वारा सभी संस्थानों के नामांकन डाटा की जांच कराने का आदेश दिया गया था.
जिसमें नाम सुधार के नाम पर वास्तविक नामांकन में काफी फेर–बदल की गयी थी. निजी संस्थानों में परीक्षा को सुगम एवं पारदर्शी बनाने के लिए मंत्री ने भारत सरकार से ऑनलाइन व्यवस्था के तहत परीक्षा कराने का अनुरोध किया था. जिसे मान लिया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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