अनिकेत त्रिवेदी
15 प्रखंडों के ग्रामीण इलाकों में 2.11 लाख शौचालयों का काम पूरा
पटना : आखिरकार इस वर्ष भी पटना जिले को ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त नहीं बनाया जा सका. दो वर्षों के दौरान शुरुआती दिनों में शौचालय निर्माण में सुस्ती, फिर बाद में शौचालय घोटाला और इस वर्ष शौचालय निर्माण में तेजी लाने के बावजूद छह प्रखंडों के 60 हजार परिवार शौचालय विहीन रह गये.
वहीं जिले के दस नगर निकायों में आठ नगर परिषद और दो नगर पंचायत में शौचालय निर्माण का काम पूरा किया गया, लेकिन जिले के राजधानी वाले क्षेत्र यानी पटना शहर में शौचालय विहीन परिवारों को शौचालय देने की रफ्तार भी सुस्त पड़ी रही. पटना शहर में भी लक्ष्य के अनुरूप केवल 50 फीसदी परिवार को शौचालय निर्माण का पूरा पैसा मिला, जबकि अधिकांश लाभुक परिवार पहली किस्त के बाद अागे की किस्त के लिए इंतजार करते रहे. कुल मिला कर स्वच्छ भारत मिशन के तमाम दावों में सूबे का मुख्य जिला ही अपने आप को दो वर्षों में ओडीएफ करने में असफल रहा है.
23 प्रखंडों में से 15 प्रखंडों में शौचालय निर्माण का काम पूरा
जिले के 23 प्रखंडों में से 15 प्रखंडों में शौचालय निर्माण का काम पूरा हो गया है. लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत जिले में अब अथमलगोला, बख्तियारपुर, बाढ़, बेलछी, दनियावां, दानापुर, फतुहा, खुसरूपुर, मोकामा, फुलवारीशरीफ, मनेर, पंडारक, पटना सदर, दुल्हिन बाजार एवं संपतचक का काम पूरा कर लिया गया है. जानकारी के अनुसार इन प्रखंडों में तीन लाख 59 हजार और 522 परिवारों को शौचालय दिया जाना था. इसमें एक लाख 46 हजार पांच सौ 22 परिवार को पहले से शौचालय थे. इसमें ओडीएफ अभियान के तहत दो लाख 11 हजार 53 परिवारों में शौचालय निर्माण के काम पूरे किये गये.
आठ प्रखंडों में दो जल्द होंगे ओडीएफ : जिले में आठ प्रखंड मसलन बिहटा, बिक्रम, धनरूआ, घोसवरी, मसौढ़ी, नौबतपुर, पालीगंज, पंडारक, पुनपुन और नौबतपुर अभी खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) नहीं किया गया है. हालांकि प्रशासन का दावा है कि
बिक्रम और घोसवरी में शौचालय निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं. शेष छह प्रखंडों में एक लाख 61 हजार पांच सौ 22 परिवारों में शौचालय निर्माण किया जाना था, लेकिन अभी भी इन प्रखंडों में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 60 हजार परिवार शौचालय से वंचित हैं.
अगले वर्ष जनवरी का लक्ष्य
जिले में नगर निगम क्षेत्र को छोड़ दिया जाये तो शेष सभी नगर निकाय से लेकर 25 प्रखंडों को अगले वर्ष जनवरी तक ओडीएफ घोषित कर दिया जायेगा. जिलाधिकारी कुमार रवि के अनुसार अगले वर्ष मार्च तक पूरे जिले को ओडीएफ घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है. गौरतलब है कि अभियान की शुरुआत में जिले में छह लाख परिवारों को चिह्नित किया गया है. इसमें चार लाख परिवार के पास शौचालय नहीं था. जिसमें पांच लाख से अधिक शौचालय निर्माण पूरे कर लिये गये हैं.
