अलविदा 2018 : नहीं भूलेंगी बिहार की ये खट्टी-मीठी यादें

आज वर्ष 2018 का अंतिम दिन है. इस साल के दौरान राज्य में कुछ ऐसी उपलब्धियां हासिल हुई हैं, जो हमें गौरवान्वित करती हैं. वहीं कुछ ऐसी घटनाएं, जो हमें शर्मसार करती हैं. एक ऐसा हादसा भी हुआ, जिसे याद कर हम सबों का मन दुखी हो जाता है. कीर्तिमान बाल विवाह व दहेज के […]

आज वर्ष 2018 का अंतिम दिन है. इस साल के दौरान राज्य में कुछ ऐसी उपलब्धियां हासिल हुई हैं, जो हमें गौरवान्वित करती हैं. वहीं कुछ ऐसी घटनाएं, जो हमें शर्मसार करती हैं. एक ऐसा हादसा भी हुआ, जिसे याद कर हम सबों का मन दुखी हो जाता है.
कीर्तिमान
बाल विवाह व दहेज के खिलाफ मानव शृंखला
बिहार ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए दहेज व बाल विवाह मिटाने के लिए इस साल 21 जनवरी को अब तक की सबसे बड़ी मानव शृंखला बनायी. 14,090 किमी लंबी इस मानव शृंखला में सभी पंचायतों व गावों से लेकर जिला मुख्यालय व राजधानी पटना के सभी उम्र के करीब चार करोड़ नागरिक शामिल हुए. लोगों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ दहेज और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरुतियों को राज्य से मिटाने का संकल्प लिया.
समय से पहले हर घर में पहुंच गयी बिजली
कभी लालटेन और ढिबरी में जीने वाला बिहार अब रोशनी से नहा रहा है. राज्य सरकार की माॅनीटरिंग और अफसरों की चुस्ती से समय सीमा से दो माह पूर्व ही सभी घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया.
खुद केंद्र सरकार ने इसका एलान किया. राज्य सरकार ने 31 दिसंबर, 2018 तक सभी घरों में बिजली कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था. लेकिन, अधिकारियों की मेहनत रंग लायी और पूरा प्रदेश बिजली का उपयोग कर रहा है. बिजली आने से जहां गरीब घर के बच्चों में भी पढ़ने की ललक जगी, वहीं ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार के अवसर पैदा हुए.
भ्रष्टाचार
राज्य सरकार ने यह साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार के मामले में वह किसी को नहीं बख्शेगी, चाहे वह आइएएस अधिकारी हों या आइपीएस. राज्य में भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति को जब्त कर उसमें सरकारी स्कूल खोलने का कानून है. इसके तहत आइएएस और आइपीएस अफसरों की संपत्ति भी जब्त हुई, पर इससे दूसरे कुछ अफसर सीख नहीं पाये.
आइएएस अधिकारी दीपक आनंद के आवास पर निगरानी ब्यूरो ने छापेमारी की. उन पर बालू माफिया को संरक्षण देने का आरोप था. वहीं, मुजफ्फरपुर के एसएसपी पंकज कुमार के सरकारी आवास पर भी निगरानी ब्यूरो ने छापेमारी की. उन पर शराब माफिया को बचाने का आरोप था.
मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौनशोषण
नशे में ड्राइवर ने बच्चों पर चढ़ायी बोलेरो, नौ मरे
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर इस साल फरवरी में नशे में चूर ड्राइवर ने 17 स्कूली बच्चों पर बोलेरो चढ़ा दी. इससे नौ बच्चों की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. कई बच्चे घायल भी हुए.
सड़क के किनारे स्थित एक सरकारी स्कूल के बच्चे छूट्टी होने पर घर जाने के लिए मुख्य सड़क को पार कर रहे थे. इस बीच तेज रफ्तार से आ रही बोलेरो ने उन्हें कुचल दिया. इसी प्रकार सीतामढ़ी जिले में एक बस गढ़े में गिर गयी जिससे उस पर सवार 14 लोगों की मौत हो गयी.

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