कुर्था बाजार में पहले रास्ते से गुजरने में कतराती थीं महिलाएं
सुजीत कुमार सोनी
कुर्था अरवल : प्रदेश में हुई शराबबंदी से पहले कुर्था बाजार स्थित पुरानी शराब भट्ठी दुकान में सुबह होते ही शराबियों का जमघट लगता था. मोहल्ले की महिलाएं और युवतियां शराब दुकान के रास्ते से गुजरने में परहेज करती थीं.
लेकिन शराबबंदी ने इस टोले की मानो दशा ही बदल दी है. अब महिलाएं, बहू, बेटियां किसी भी समय इस रास्ते से गुजर रही हैं और किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो रही है. शराबबंदी के बाद से कुर्था प्रखंड के सैकड़ों परिवारों की खुशियां लौट रही हैं.
शराब दुकान में सेल्समैन का कार्य करनेवाले रहे बंगाली प्रसाद गुप्ता इन दिनों इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान खोल कर अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. अब परिवार के साथ सुख में जीवन जी रहे हैं. बड़ा बेटा मेरे काम में हाथ बंटाता है और साथ में दोनों मिल कर अच्छी-खासी कमाई कर पूरा परिवार चैन से जी रहा है. वहीं शराब दुकान के मालिक मुकेश सौंडिक भी शराबबंदी के बाद सीमेंट, छड़ की दुकान खोल अपने परिवार की परवरिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि शराबबंदी से भले ही हमलोगों का थोड़ा बहुत नुकसान हुआ हो, परंतु यह राज्य सरकार का बहुत सराहनीय कदम रहा है.
शराब दुकान के मालिक उमेश प्रसाद व धनिक लाल मंडल ने बताया कि शराबबंदी के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने शराबबंदी कानून लाकर सैंकड़ों घरों को उजड़ने से बचा लिया. उन्होंने युवाओं को नीतीश सरकार की शराबबंदी मुहिम का हिस्सा बनकर समाज को एक नयी दिशा प्रदान करने की भी अपील की.
वहीं, कुर्था बाजार में जिस जगह शराब की दुकान चलती थी, उसमें अब ट्रंक और गोदरेज बनाने का कारखाना बन गया है. मोहम्मद शब्बीर नाम के व्यवसायी ने शराबबंदी के बाद उस पूरी जगह को खरीद कर अपना काम शुरू कर दिया.
