रक्सौल के जावेद ने पटना में की ठगी
पटना : करीब दो महीने पहले जारी 100 रुपये के नये नोट की नकली खेप भी बाजार में आ गयी है. फेक करेंसी छापने वाले गैंग ने अपने एजेंटों के जरिये नकली नोटों को मार्केट में उतारना शुरू कर दिया है. नये नोट अभी सभी के पास पहुंचे नहीं हैं, इसलिए लोग असली और नकली में फर्क नहीं कर पा रहे हैं.
वहीं गैंग झांसा देकर नकली नोट के बदले असली सामान खरीद रहा है. कदमकुआं के लोहानीपुर में 84 हजार के नकली नोट मिले हैं. सभी नोट 100 रुपये के हैं, जो हाल में ही मार्केट में आये हैं.
लेकिन नकली नोट जिसके पास हैं वह कोई तस्कर नहीं है, बल्कि ठगी का शिकार हुआ है. लोहानीपुर के रहने वाले संजीव कुमार के पास आइफोन था. हाल के दिनाें में प्रोपर्टी डीलर संजीव ने अपने आइफोन को बेचा था. 90 हजार रुपये में उसने अपना आइफोन जावेद शमीम नाम के युवक को बेचा था. इसके बदले में शमीम ने 84 हजार नकद दिये थे, जिसमें सभी नोट 100 के थे. बाकी 500 के नोट थे, जो असली थे. आइफोन खरीद कर जावेद शमीम फरार हो गया. मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. आरोपित की तलाश जारी है.
नेपाल बॉर्डर से सटे रक्सौल का रहने वाला है आरोपित : पुलिस की छानबीन में पता चला है कि जावेद शमीम रक्सौल का रहने वाला है. वह नेपाल आता-जाता है.
उसकी रक्सौल में गतिविधियां संदिग्ध है. इधर काफी दिनों से वह पटना में ही रहता था. उसका कनेक्शन नकली नोट की छपाई करने वालों से हैं. वह नकली नोट को अलग-अलग तरीके से मार्केट में चलाता है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. पुलिस का कहना है कि ऐसे लोग अपनी असली पहचान छुपा कर इस तरह का काम करते हैं. उसने अपना नाम सही बताया है या नहीं, इसका भी सत्यापन करना होगा. पुलिस छानबीन में जुट गयी है.
संजीव की बीवी को नकली नोट देकर आइफोन ले गया शमीम
दरअसल प्रोपर्टी डीलर संजीव और जावेद शमीम एक दूसरे को जानते हैं. शमीम अक्सर घर आता-जाता था. आइफोन बेचने के लिए सौदा संजीव और शमीम में हुई थी.
लेकिन, 24 दिसंबर को शमीम ने संजीव से फोन पर बात की, तो पता चला कि संजीव घर से बाहर है. मौका देखकर शमीम उसके घर पहुंच गया और नकली नोट का बंडल देकर संजीव की पत्नी से आइफोन लेकर भाग गया. संजीव जब घर पहुंचा तो उसकी पत्नी ने नोट का बंडल दिखाया. लेकिन, जब संजीव ने सभी बंडलों को देखा, पता चला कि सभी बंडल में एक ही नंबर के नोट मौजूद हैं. पता चला कि सभी नोट नकली हैं.
